बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकर्ताओं ने महाविहार मुक्ति आंदोलन के तहत धरना दिया। साथ ही राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा कि महाविहार मुक्ति के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलता रहेगा।
कलक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं के साथ धरना देते हुए जिलाध्यक्ष कर्म सिंह ने कहा कि बोधगया में महाविहार परिसर में शिवलिंग की स्थापना और दीवारों पर पांडवों का उल्लेख विवाद का विषय बना हुआ है। 1895 के अनागरिक धम्मपाल बनाम महंत केस के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया था कि महाबोधि महाविहार बौद्धों की विश्व धरोहर है।
उन्होंने कहा कि फाह्यान और व्हेनसांग के यात्रा वृतांत और महाविहार की उत्खनन रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है। कार्यकर्ताओं ने महाबोधी टैंपल एक्ट 1949 पर सवाल उठाते हुए नया कानून बनाने की मांग की है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ता ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया।
जानकारी दी कि आंदोलन के तीसरे चरण में 22 मार्च को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रैली की जाएगी। उन्होंने कहा कि नौ अप्रैल को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद का आह्वान किया गया है। कहा कि बोधगया मुक्ति विहार आंदोलन के तहत देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन होगा। प्रमोद बौद्ध, महिपाल, लाखन सिंह, चरण सिंह बौद्ध, कृष्ण कुमार आदि शामिल रहे।