मुजफ्फरनगर। आईएमए की जिला ब्रांच ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देश पर 18 जून को ‘विरोध प्रदर्शन दिवस’ मनाया जाएगा। योद्धाओं की रक्षा करो% नारे के साथ चिकित्सा पेशे से जुड़े डॉक्टरों एवं कर्मियों पर हमले रोकने की मांग भी की जाएगी।
आईएमए के जिलाध्यक्ष डा. एमएल गर्ग और कोषाध्यक्ष डा. ईश्वरचंद्रा ने आईएमए कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के डॉक्टरों की चिंता, नाराजगी को देखते हुए एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यह विरोध प्रदर्शन होगा। आईएमए की सभी शाखाओं द्वारा देशभर में 18 जून को विरोध प्रदर्शन दिवस मनाने के दौरान जुबानी हिंसा के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शित करने के लिए चिकित्सक काला बिल्ला, काले झंडे, काले मास्क, काली रिबन, काली शर्ट पहनकर नाराजगी प्रकट करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन कार्यस्थलों और आईएमए बिल्डिंग के प्रमुख केंद्रों और अस्पतालों में होगा। प्रदर्शन के बाद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
डा. एमएल गर्ग ने कहा कि आईएमए अपने उन सभी 724 योद्धाओं को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपनी शहादत दी है। पिछले दो सप्ताह के अंदर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और कई अन्य जगहों पर डॉक्टरों पर हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं। महिला डॉक्टरों के साथ भी गाली-गलौज और हिंसक घटनाएं हुई हैं। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाने, अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई और उन्हें सख्त सजा दिलाने के प्रावधान की अपील करते हैं, ज्ञापन के माध्यम से करेंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ अनुज माहेश्वरी, डॉ सुनील सिंह, डॉ अशोक शर्मा मौजूद रहे।
कोरोना काल में फीस नहीं बढाई
मुजफ्फरनगर। पत्रकार वार्ता में आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि बीते दो सालों से चिकित्सकों ने फीस नहीं बढाई। महामारी को देखते हुए ऑपरेशन आदि का खर्च भी नहीं बढ़ाया जा रहा है। महामारी के बाद भी ऑपरेशन का खर्च नहीं बढ़ाया जाएगा। अधिकतम चिकित्सकों ने लोगों का जीवन बचाने के लिए सेवा भाव से कार्य किया है।