लोगों को पाई-पाई जोड़कर बिटिया की शादी के लिए बैंक में जमा किए गए पैसे निकालने में पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। आरबीआई का आदेश भी राहत नहीं दिला पा रहा है। गांव-देहात के लोगों के पास पेनकार्ड नहीं है। बिना पेनकार्ड के बैंक पैसा देने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे हालात में केवल 24 हजार की राशि ही बैंक से मिल पा रही है। परेशान लोग बेटी की शादी का कार्ड हाथ में लेकर अफसरों के चक्कर काट रहे हैं।
परिजन शुरू से ही बेटी की शादी के लिए पैसा जोड़ते हैं। पैसा सुरक्षित रहे, इसलिए बैंक का सहारा लिया जाता है। ऐसे लोगों को न तो आयकर के कानून पता और न ही सरकार की मंशा से कोई मतलब। इनका एक ही लक्ष्य होता है बेटी के हाथ इज्जत से पीले हो जाएं। भारत सरकार द्वारा अचानक 500 एवं 1000 के नोट बंद कर दिए गए। जिन लोगों ने पैसा एकत्र कर रखा था, उनके सामने समस्या खड़ी हो गई।
परेशान लोग खातों में पैसा डाल रहे हैं। जिन लोगों ने पहले से पैसा अपने खातों में एकत्र कर रखा है, उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। आरबीआई ने आदेश तो कर दिया, उसमें शर्त भी लगा दी कि पेन कार्ड नंबर लेकर ही पैसा दिया जाए। ऐसे में आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को सैकड़ों लोग तो डीएम डीके सिंह से मिले और बैंक से पैसे नहीं निकलने की समस्या रखी। डीएम ने बताया कि उनके पास मिलने वालों में शादी के कार्ड लेकर ही सबसे ज्यादा लोग आ रहे हैं। जिन लोगों के पास पेन कार्ड नहीं है, वह अपने खाते से एक बार में 24 हजार तक ही निकाल सकते हैं।
बैंकों में आपाधापी, लाइन में धक्कामुक्की
1000-500 का नोट बंद करने से बैंकों में पैसा जमा करने और बदलने को लेकर ग्राहक परेशानहाल हैं। बैंकों में आपाधापी मची हुई है और लाइन में ग्राहकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
बैंकों से ग्राहकों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को भी बैंकों में पैसा जमा कराने और बदलने को लेकर ग्राहकों के बीच आपाधापी मची रही। ग्राहकों की लंबी लाइन लगने से आगे पीछे करने को लेकर धक्कामुक्की तक हुई।
यहां तक कि एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए भी ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही। कुछ बैंकों में कैश नहीं आने से ग्राहक परेशान होकर लौट गए। एसबीआई में सुबह दस बजे से पूर्व ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई थी। ग्राहकों की जीटी रोड तक लंबी लाइन थी। एसबीआई बैंक के एटीएम मशीन से पैसे निकालने को लेकर लंबी लाईन लगी रही। बैंकों में ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।