मुजफ्फरनगर। पौड़ी दिल्ली हाईवे पर बसे कस्बा मीरापुर में रोडवेज बस अड्डा न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनवाने के लिए वर्ष 1989 में मांग उठाई गई थी। तब से अब तक बस अड्डा नही बनवाया गया। कस्बे से सौ से ज्यादा बसें रोजाना गुजरती है।
जनपद मुजफ्फरनगर का कस्बा मीरापुर पौड़ी दिल्ली हाईवे पर मेरठ मार्ग पर बसा हुआ है। यहां से सैकड़ों छात्र मवाना व मेरठ शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाते है तो व्यापारी व्यापार के सिलसिले में मुजफ्फरनगर, दिल्ली, मुरादाबाद, बिजनौर जाते हैं। कस्बे से दो किलोमीटर दूर बाइपास है। वहां से लोग हरियाणा, पंजाब अपने व अन्य वाहनों से जाते है।
इतना महत्वपूर्ण स्थान होने के बाद भी परिवहन निगम ने कस्बे में रोडवेज बस अड्डा नहीं बनाया है।
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चौराहे पर खड़े होकर करते हैं बस का इंतजार
रोडवेज बस में सवार होेने के लिए लोगों का कस्बे में भूम्मा चौराहे पर खड़े होकर रोडवेज बस का इंतजार करना होता है। बस आने का कोई निश्चित समय नहीं है। काफी समय पहले आकर लोग चौराहे पर खड़े हो जाते हैं। बिजनौर, मेरठ ऐसे जनपद हैं जहां से सुबह पांच बजे से रोडवेज बसों का आवागमन शुरू हो जाता है। यह बसें कस्बा मीरापुर से गुजरती हैं। इसके अलावा हरियाणा के पानीपत, करनाल, पंजाब, बिजनौर, बरेली, दिल्ली, आगरा, मुरादाबाद, टनकपुर, नैनीताल, हल्द्वानी, सहारनपुर, रुद्रपुर, काशीपुर, व अन्य जनपदों की रोडवेज की सौ से ज्यादा बसें कस्बे से होकर गुजरती हैं।
1989 में उठाई थी मांग, जमीन भी दिखाई थी
मीरापुर कस्बा निवासी पड़ित अनिरुद्ध वत्स बताते है कि वर्ष 1989 में वह अखिल भारतीय राष्ट्र सेवी सर्व धर्म संस्था के प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने अपनी टीम के साथ कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनवाने की मांग उठाई थी। कई बार आंदोलन भी किए गए। मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ में परिवहन निगम के मुख्यालय तक जाकर अधिकारियों तक जाकर मिला गया। अधिकारियों को कस्बे में मुजफ्फरनगर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जमीन भी दिखाई थी। इसके बाद भी बस अड्डा नही बनाया गया।
वर्जन-
वह कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनवाने के लिए प्रयासरत है। अधिकारियों से मिलकर वार्ता की जाएगी। - जमील मलिक, अध्यक्ष नगर पंचायत मीरापुर