फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य सरकार के नाम दर्ज होगी भोपा रोड की बेशकीमती जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार के नाम दर्ज होगी भोपा रोड की बेशकीमती जमीन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री और मुजफ्फरनगर के जमीदार रहे लियाकत अली खां के परिवार के नाम दर्ज सैकड़ों बीघा जमीन को लेकर एसडीएम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। इस संबंध में तहसीलदार की रिपोर्ट को आधार मानते हुए जमीन को राज्य सरकार के नाम पर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही तहसीलदार को जमीन पर कब्जा लेने को भी कहा है।
भोपा रोड की शहर के अंदर की ग्राम यूसुफपुर महाल रूस्तम अली खां की सैकड़ों बीघा जमीन को लेकर उप जिलाधिकारी सदर दीपक कुमार की कोर्ट ने निर्णय दिया है। अपने निर्णय में कोर्ट ने कहा है कि महाल रूस्तम अली खां के खेवट नंबर 4/1 में लाला रघुराज स्वरूप के नाम की प्रविष्टि शिकमी काश्तकार के रूप में दर्ज थी। कुछ भूमि पर 1360 फसली से पूर्व ही लाला रघुराज स्वरूप ने अवैध तरीके से संक्रमणीय अधिकार अर्जित कर लिए थे और शेष भूमि खसरा नंबर 365, 366, 371, 372, 373, 377, 379, 382, 383, 384 पर अधिवासी/ आसामी अधिकार जमींदारी खात्मा के दौरान वर्ष 1961 में लाला रघुराज स्वरूप को प्राप्त होने थे। भूमि नियमानुसार तत्समय ही नियत अवधि के पश्चात राज्य सरकार में निहित होनी चाहिए थी, परंतु लाला रघुराज स्वरूप ने उक्त भूमि राज्य सरकार में निहित नहीं होने दी। राज्य सरकार की मूल्यवान भूमियों को हड़पकर राज्य सरकार को क्षति पहुंचाई। उप जिलाधिकारी ने अपने निर्णय में यह भी लिखा है कि मौरूसी काश्तकार के अधिकार अर्जित कर लेने के उपरांत लाला रघुराज स्वरूप की परिपाटी पर चलते हुए आलोक स्वरूप आदि ने खतौनी में मौरूसी काश्तकार के साथ-साथ खेवट चौसाला में भी जमींदार के रूप में एंट्री करा ली और ट्रांसफेरेबल अधिकार अर्जित कर लिए। भू-अभिलेखों में प्रत्येक स्तर पर आरंभ से अंत तक मैनुपुलेशन कराकर भूमि को हड़पा गया और अनुचित लाभ अर्जित किए गए। कोर्ट ने जालसाजी, कूटरचना या कपट से प्राप्त की गई भूमि में लाला रघुराज स्वरूप एवं उनके उत्तराधिकारियों अलोक स्वरूप एवं अनिल स्वरूप निवासी राजभवन, भोपा रोड और ललिता कुमार गुप्ता, कुसुम कुमारी, ओमप्रकाश गुप्ता, अतुल गुप्ता, अपर्णा वारिसान लाला दीपचंद को कोई अधिकार प्राप्त नहीं होते हैं। एसडीएम ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि प्रविष्टियों में कूट रचना करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाना उचित नहीं है। इसके बाद भी प्रतिवादीगणों को नोटिस भेजकर जवाब व साक्ष्य के लिए अवसर दिया गया। इसके बाद भी कोई जवाब और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। 21 मार्च 2020 की तत्कालीन तहसीलदार रणजीत सिंह की रिपोर्ट के आधार पर कूट रचित प्रविष्टियों को राजस्व अभिलेखों में निरस्त किया जाता है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अंतर्गत निरस्त कर भूमि को राज्य सरकार में दर्ज किया जाता है। भूमि को कब्जे में लेने के लिए तहसीलदार सदर को आदेश जारी किए गए है।
विज्ञापन

सरकारी रिकार्ड में कूटरचना कर जमीनों को हड़पा गया था। न्यायालय में लगातार चली सुनवाई और तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर यूसुफपुर गांव की महाल रूस्तमअली खां की यह जमीन राज्य सरकार में निहित करने के आदेश गत 31 दिसंबर को जारी किए गए है। तहसीलदार सदर को जमीनों पर कब्जा लेने के लिए आदेश दिया गया है।
दीपक कुमार, उप जिलाधिकारी, सदर
शासन की प्राथमिकता में है सरकारी जमीने मुक्त कराना
मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुमारी जे का कहना है कि शासन की प्राथमिकता सरकारी जमीनों को खाली कराने की है। भोपा रोड की राज्य सरकार की जमीनों पर कुछ लोगों ने रिकार्ड में हेराफेरी कर कब्जा कर रखा था। इन लोगों के खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है। एसडीएम के न्यायालय से जो आदेश हुआ है उसका पालन हो रहा है।
हमारा पक्ष नहीं सुना, रिकॉल करेंगे
गत वर्ष मार्च माह में एसडीएम कोर्ट की ओर से मुझे नोटिस दिया गया था। कोर्ट ने हमारा पक्ष नहीं। हमें अपना पक्ष रखने का मौका ही नहीं दिया। कोर्ट ने क्या आदेश किया है, इसकी जानकारी नहीं है। कोर्ट का आर्डर मिलने पर हम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए रिकॉल करेंगे। अनिल स्वरुप
विज्ञापन

प्रशासन की जिले में दूसरी बड़ी उपलब्धि
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान के प्रयास से जिले में सरकारी जमीनों को खाली कराए जाने वाले अभियान में भोपा रोड की जमीने दूसरी बड़ी उपलब्धि हैं। इससे पहले बिहारगढ में पीर खुशहाल से 100 बीघा से अधिक जमीन खाली कराई गई। इस जमीन को खाली कराने को भी राज्य मंत्री ने दबाव बनाया था और प्रशासन ने कार्रवाई की। भोपा रोड की जमीन को लेकर भी डॉ संजीव बालियान लगातार प्रयासरत है। उनका सपना है कि सरकार की इस जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें