फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टिड्डियों का खतरा बरकरार, किसानों को किया आगाह

विज्ञापन
विज्ञापन
टिड्डियों का खतरा बरकरार, किसानों को किया आगाह
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर रहे टिड्डी दल हवा विपरीत होने के कारण आगे नहीं बढ़ सके, लेकिन खतरा अभी बरकरार है। टिड्डी दल आगरा के पास तक देखे गए हैं और इन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसलिए कृषि और पंचायती राज विभाग ग्रामीण एवं किसानों को जागरूक करने में लगा है। कहा जा रहा है कि कहीं पर भी टिड्डियों का दल दिखे तो तुरंत सूचना दें।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों में टिड्डी दल सक्रिय हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि फिलहाल इनकी उपस्थिति सोनभद्र, चंदौली और झांसी जनपदों में देखी गई है। ये कई दलों में बंटे हैं। आगरा के पास भी एक दल देखा गया, लेकिन हवा विपरीत होने के कारण यह आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान से सटे यूपी के इलाकों में खरीफ की फसलें ज्यादा नहीं होती। यहां पठारी क्षेत्रों में टिड्डी दलों को फसलें नहीं मिलीं तो काफी संख्या में नष्ट हो गईं। साथ ही इन क्षेत्रों में रसायनों के छिड़काव से इन्हें नष्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि टिड्डी दल पश्चिम की ओर रुख करते हैं तो हरियाणा और पंजाब ज्यादा दूर नहीं है। किसानों को सचेत किया गया है। कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही पंचायती राज विभाग भी लोगों को टिड्डी दलों को लेकर सावधान कर रहा है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है। सीडीओ आलोक यादव की अध्यक्षता में जिले में कमेटी गठित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टिड्डियों का हमला हो तो करें बचाव
मुजफ्फरनगर। टिड्डियों को भगाने के लिए बर्तन एवं अन्य ध्वनि यंत्रों से शोर करें। खेतों के किनारे पर फॉगिंग या पुआल का धुआं करें। टिड्डी दल रात में खेतों में रुकते हैं। ऐसे खेतों को जोतकर कीटनाशक जैसे मैलाथियान, क्लारोपाइरीफॉस, डाईक्लोरोवॉस या ब्यूवेरिया बेसियाना का घोल बनाकर छिड़काव करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें