संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांव पंचायतों को बीमारी से मुक्त करने का अभियान चल रहा है। इस अभियान में नगर निकाय के वार्ड भी शामिल कर लिए गए हैं। ग्राम पंचायतों के साथ ही 195 वार्डों में भी टीबी मुक्ति अभियान चलेगा।
वर्ष 2022 से शुरू हुए पंचायत टीबी मुक्ति अभियान का जनपद में चौथा दौर शुरू हो चुका है। अभियान के तहत सेंट्रल टीबी डिविजन की ओर से निर्धारित छह बिंदुओं पर गांव और लक्ष्य किए गए वार्डों को परखा जाएगा। एक हजार की आबादी पर एक या शून्य टीबी मरीज निकलने पर गांव अथवा वार्ड को सूची में शामिल किया जाएगा।
देखा जाएगा कि प्रत्येक गांव में यूडीएसटी (सार्वभौमिक दवा-संवेदनशीलता परीक्षण ) जांच कम से कम 60 प्रतिशत, निक्षय पोषण योजना की पहली किस्त खातों में जाना और 2025 में चले मरीजों को कम से कम एक माह की पोषण पोटली दी जा चुकी हो। इन सभी मानकों के आधार पर ग्राम पंचायत और वार्डों को जांचा जाएगा।
सहायक जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.अजय प्रताप शाही ने बताया कि सभी बिंदुओं पर ग्राम पंचायत एवं निकाय वार्डों को परखा जा रहा है।
38 ग्राम पंचायत की गई थी टीबी मुक्त घोषित
मार्च माह के दौरान जनपद की 38 गांव पंचायत टीबी मुक्त घोषित की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी गांव पंचायत प्रधानों को पुरस्कृत किया गया था। इन सभी ग्राम पंचायतों में एक हजार की आबादी पर टीबी का एक या कोई भी केस नहीं मिला था।