मुजफ्फरनगर। शहर में शिया सोगवार मजलिस की और मातमी जुलूस निकाला। शहर के नावल्टी चौक, शिव चौक पर नौहाख्वानी की गई।
अंजुमन दुआएं जेहरा के प्रवक्ता इंतजार हुसैनी जैदी ने बताया कि अबूपुरा पचदरा सादात इमाम बारगाह में मोहर्रम के मौके पर जैगम जैदी एडवोकेट, मोहम्मद मशेदी की मर्सिया ख्वानी से मजलिस का आगाज हुआ। मौलाना आमीर काजमी ने खिताब करते हुए तजरत ए अब्बास के जीवन पर रोशन डाली। हजरत ए अब्बास और इमाम हुसैन की दास्तां सुनकर शिया सोगवार महिलाएं और बच्चे रोने लगे। मौलाना ने मुल्क में अमन और शांति का पैगाम दिया और इमाम हुसैन के बताए मार्ग पर चलने पर जोर दिया।
मौलाना की तकरीर के बाद अलम निकाले गए। घोड़े के आगे सवारी अली मियां, शान मियां, सादिक हुसैन, अरशद, आबिद हुसैन और मुन्ना पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस फक्करशाह चौक, कस्सावान, लोहिया बाजार, कटहरा, सराफा बाजार से इमाम बारगाह मोती महल पहुंचा। साहिब ए आलम असकरी ने नौहा पढ़कर जुलूस की अगवानी की, यहां से शहर की मातमी अंजुमनों का सिलसिला शुरू हो गया। अंजुमन खादिमें हुसैन लद्दावाला के दो सलामी अलीमों से जुलूस की अगवानी की। यहां से नावल्टी चौराहा, शिव चौक, भगत सिंह रोड, पारसनाथ, इमाम बारगाह, नदी वाला प्रेमपुरी, खादरवाला, इमाम बारगाह आरफी से होते हुए समाप्त हुआ। नौहाख्वानी में लारेब, अरशद, सोनू, शबी हैदर, मोहम्मद जमां शामिल रहे।