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जनता ने चुने पांच चेयरमैन, एक भी पूरा नहीं कर पाया कार्यकाल

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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका चेयरमैन पद का चुनाव जनता की पसंद से कराने की प्रक्रिया वर्ष 1995 से प्रारंभ हुई। पांच चेयरमैन अब तक चुने गए है। मगर, एक भी चेयरमैन अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। पांचों चेयरमैन भ्रष्टाचार के दाग के बाद ही हटाए गए। इनमें डॉ. सुभाष चंद शर्मा, जगदीश भाटिया, कपिलदेव अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, अंजू अग्रवाल शामिल हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस के चिह्न पर चुनाव जीतने वाली अंजू अग्रवाल के लिए भाजपा में शामिल होना भा फायदेमंद नहीं रहा।
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चेयरमैन शहर का प्रथम नागरिक होता है। पांच योजनाओं से यह प्रथम नागरिक जनता के मताधिकार से चुना जा रहा है। इससे पहले सभासद चेयरमैन का चुनाव करते थे। मगर, जनता की पसंद से चुने गए अब तक के सभी चेयरमैन भ्रष्टाचार में हटाए गए हैं। एक भी चेयरमैन बिना दाग के कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जो चेयरमैन हटाए गए, उनमें प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, भाजपा नेता सुभाष चंद शर्मा, जगदीश भाटिया, कांग्रेस नेता पंकज अग्रवाल शामिल है। वर्तमान चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल पर कार्रवाई के बाद वह भी इसी कड़ी में शामिल हो गई हैं।
भाजपा नेता डॉ सुभाष शर्मा ने चेयरमैन चुने जाने के बाद एक दिसंबर 1995 को कार्यभार ग्रहण किया था। कार्यकाल पूरा करने से एक साल पहले भ्रष्टाचार के आरोपों में अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें दस दिसंबर 1999 को हटा दिया गया। पालिका में एक साल तक प्रशासक नियुक्त रहा। भाजपा नेता जगदीश भाटिया ने चुनाव जीतने के बाद एक दिसंबर 2000 को कार्यभार ग्रहण किया। 18 दिसंबर 2004 को उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में हटा दिया गया। छह दिन बाद कोर्ट से उन्हें फिर चार्ज मिल गया।
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भाजपा नेता वर्तमान में प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने चेयरमैन चुने जाने के बाद 16 नवंबर 2006 में कार्यभार ग्रहण किया। एक जून 2009 को उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में हटा दिया गया। दो जून 2009 से 16 जुलाई 2009 तक प्रशासक नियुक्त रहा। हाईकोर्ट के आदेश पर 17 जुलाई 2009 को कपिलदेव अग्रवाल को फिर से चार्ज मिला। वह 15 नवंबर 2011 तक चेयरमैन रहे।
कांग्रेस नेता पंकज अग्रवाल ने चुनाव में विजय हासिल करने के बाद 18 जुलाई 2012 को कार्यभार ग्रहण किया। पंकज अग्रवाल को एक अप्रैल 2017 को भ्रष्टाचार के आरोप में हटा दिया गया और वह कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। इसके बाद कांग्रेस के सिंबल पर अंजू अग्रवाल चुनाव जीती और 12 दिसंबर 2017 को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गई। 19 जुलाई 2022 को उनके वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। अब उन्हें पद से भी हटा दिया गया।
1946 से अब तक तीन ने ही कार्यकाल पूरा किया
नगर पालिका परिषद में 1946 से लेकर अब तक तीन चेयरमैन ही ऐसे हैं, जो अपना कार्यकाल पूरा कर पाए हैं। इनमें कीर्ति भूषण अग्रवाल, जुगल किशोर पालीवाल और विद्या भूषण का नाम शामिल है।
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भ्रष्टाचार के आरोपों में हटाए गए चेयरमैन
चेयरमैन शपथ हटाए गए
सुभाषचंद शर्मा 1-12-1995 10-12-1999
जगदीश भाटिया 1-12-2000 18-12-2004
कपिलदेव 16-11-2006 1-6-2009
पंकज अग्रवाल 18-7-2012 1-4-2017
अंजू अग्रवाल 12-12-2017 19-7-2022
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