किसानों के सामने गेहूं बुवाई का संकट
मुजफ्फरनगर, मोरना। सहकारी चीनी मिल मोरना द्वारा पिछले छह दिनों से करहेड़ा, कादीपुर, किशनपुर, खोखनी, फिरोजपुर, भोकरहेड़ी, भोपा और ककराला आदि गांवों में गन्ने की पर्ची वितरण नहीं होने से किसानों के सामने गेहूं बुवाई का संकट पैदा हो गया है। किसानों ने समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर मिल अधिकारियों का घेराव कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
किसानों ने कहा कि उनकी गन्ने की फसल खेत में ज्यों की त्यों खड़ी है। अगर पर्ची नहीं मिली, तो उनके सामने गेहूं की वुवाई समय पर नहीं कर पाने की समस्या पैदा हो जाएगी। इस दौरान धीरज प्रधान, पंकज राठी, बबलू प्रधान, सुंदर प्रधान, योगेश, रवि राणा, वरुण प्रधान, हरधन सिंह, प्रमोद राठी, विपिन, प्रदीप, बाबा मांगा, राजेंद्र प्रधान, ओंमकार, मनोज प्रधान, देवेंद्र एडवोकेट आदि ने बताया कि गांव करहेड़ा, तिस्सा, अलीपुर, युसुफपुर, मलपुरा आदि गांव में पिछले छह दिनों से गन्ना सट्टे की पर्ची नहीं के बराबर आई है, जबकि अन्य गांव के किसानों की गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्राली मिल में प्रतिदिन जा रही है। हमारे साथ अन्याय हो रहा है। किसानों ने मिल अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी है। किसानों ने गन्ना आयुक्त को लिखित शिकायती पत्र में समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
घाटे के कारण नहीं होगी चीनी मिल बंद
मोरना। सहकारी चीनी मिल मोरना के प्रधान प्रबंधक कमल रस्तोगी ने बताया कि यह सच है कि मिल घाटे में चल रही है। इसके बावजूद मोरना चीनी मिल किसी भी दशा में बंद नहीं होगी। मोरना मिल के विस्तारीकरण के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई जा रही है।