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Muzaffarnagar News: दरिंदों को सजा...बेटी को इंसाफ और मुझे चैन मिल गया

Thu, 02 Feb 2023 09:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के दौरान पिता की भी हादसे में मौत हो गई वहीं माने हौसले से यह लंबी लड़ाई लड़ी और आखिरकार मासूम को इंसाफ मिला आरोपियों में एक दरिंदे को फांसी की सजा हुई है तो वही दूसरे को उम्र कैद।
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कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर में साढ़े छह माह चली सुनवाई के दौरान बच्ची के पिता की भी मौत हो गई। उसके बाद बच्ची की मां ने इंसाफ की लड़ाई लड़ी। दोषी सुरेंद्र को मृत्युदंड और उसका साथ देने वाले राजीव उर्फ टोटा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई तो उनकी आखें छलक पड़ीं। रुंधे गले से बोली, आज मेरी बेटी को इंसाफ और मुझे चैन मिल गया। दरिंदों को जल्द फांसी पर लटकाया जाना चाहिए।
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इस सनसनीखेज वारदात से लोगों में गम और गुस्सा था। वारदात से पहले एक मजदूर परिवार हंसता खेलता जीवन गुजार रहा था। इकलौती बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात ने इस परिवार को तोड़कर रख दिया। दंपती ने दोषियों को सजा दिलाने के लिए अदालती लड़ाई शुरू की, लेकिन इसी दौरान मुकदमे की वादी के बच्ची के पिता की हादसे में मौत हो गई। तीन महीने के भीतर यह परिवार पर दूसरा बड़ा आघात था। इसके बावजूद पीडि़ता की मां ने हिम्मत नहीं हारी। वह कानूनी लड़ाई लड़ती रही। वह आगे बढ़ी तो पुलिस ने भी न्याय दिलाने के लिए प्रक्रिया तेज की। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी तफ्तीश और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी से मुकदमा रिकॉर्ड समय में सजा तक पहुंचा। मासूम की यादें और अपराधियों सजा मिलने का संतोष बच्ची की मां के चेहरे पर नजर आया।

त्वरित कार्रवाई से मिला न्यायः एसपी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी संजीव सुमन ने कहा कि पीडि़त को कानून से न्याय मिला है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुख्ता सुबूत एकत्र कर अदालत में पेश किए।

उन्होंने बताया कि 12 जून वर्ष 2022 को मृतका की मां ने जानसठ कोतवाली में सोनी उर्फ सुरेंद्र और राजेश उर्फ टोटा के खिलाफ तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट और जान लेने की कोशिश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद मुकदमे में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई। प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह ने एसएसआई इंतजार अहमद से विवेचना लेकर खुद जांच शुरू की। बच्ची के मां के बयान से राजेश उर्फ टोटा का सही नाम केस डायरी में दर्ज किया। प्राथिमकी के विपरित आरोप पत्र में दुष्कर्म की 376 धारा को 376 (क)(ख) में परिवर्तित किया। पॉक्सो एक्ट 3/4 के स्थान पर 5 (ड)(द)/6/16/17 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस ने गवाहों को समय से अदालत में हाजिर कराया। संवाद
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37 गवाह बनाए, इनमें आठ चिकित्सक भी थे शामिल
मुजफ्फरनगर। विवेवक ने विशेषज्ञ साक्षी के तौर पर डॉ. गरिमा अग्रवाल, डॉ. अजय रावल, डॉ. शशांक गुप्ता, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. सोनिया ढाका, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. अल्पा राठी, डॉ. कोमल के बयान लिए। इन आठ चिकित्सकों सहित कुल 37 लोगों की गवाही कराईं। संवाद

56 तारीखों के बाद आया अदालत का फैसला
अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) में मुजरिमों के खिलाफ 14 जुलाई 2022 को आरोप तय हुए थे। इसके बाद 56 वीं तारीख पर फैसला आ गया। अदालत में मुजफ्फरनगर। अभियोजन पक्ष ने केस को साबित करने के लिए प्रमुख नौ गवाहों की कोर्ट में गवाई कराई, जो फैसले का आधार बनी। संवाद

सजा सुनते ही फीके पड़ गए दोषियों के चेहरे
मुजफ्फरनगर। अदालत के कठघरे में खड़े दोषी सोनी उर्फ सुरेंद्र को मृत्युदंड और राजीव उर्फ टोटा को जैसे ही सजा सुनाई गई, दोनों के चेहरों का रंग उड़ गया। दोनों एक-दूसरे से मुंह फिराए खड़े रहे। फैसले के दौरान दोनों के परिवार और बच्चे भी अदालत के बाहर पहुंचे थे, उनके भी चेहरे लटक गए। संवाद
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रिकॉर्ड समय में दिलाई सजा : शर्मा
- अभियोजन की पैरवी से दोषी सजा तक पहुंचे हैं। रिकॉर्ड समय में यह सजा दिलाई गई। राजीव शर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)
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