संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। जामिया अजहर जामा मस्जिद ककरौली में जलसे का आयोजन किया गया। मुफ्ती अबु जनदल, शेख उल हदीस मदरसा कासिम उल उलूम तेवड़ा ने कहा कि नौनिहालों को शिक्षा से जोड़ें। उन्नति का रास्ता शिक्षा से ही निकलता है।
हजरत मोलाना मोहम्मद आसिफ महमूद ने कहा कि जो लोग कुरान को समझ कर पढ़ते हैं और उसे हिफ्ज करके अपने सीने में महफूज रखते हैं, उन्हें कोई गुमराह नहीं कर सकता। मुफ्ती मोहम्मद रागिब ने कहा कि अगर पड़ोसी दुखी हो तो समझो मुसीबत आने वाली हैं। इसलिए हमेशा दीन दुखी और पड़ोसियों की मदद करें। हजरत मौलाना रियाज अहमद रायपुरी ने कहा कि खूब पढ़ो। जहां तुम आखिरी आयत पढ़ोगे, वहीं तुम्हारी मंजिल होगी । हिफ्ज कुरान की शिक्षा पूरी करने वाले छह लोगों को हाफिज की पगड़ी पहनाई गई। जलसे की अध्यक्षता मौलाना इरशाद ककरौली और संचालन मौलाना बदर अख्तर ने की ।
इस मौके पर मुफ्ती शाहआलम , मुफ्ती मोहम्मद इंतिजार कासमी , मौलाना महताब आलम मोहतमिम मदरसा जौली, मौलाना सईदुज्ज्मां, हाफिज सलीम, कारी नवाब आलम, कारी फराज आलम, मौलाना अनस, हाफिज शाहनजर, हाफिज शादाब हया, मुस्तफा कमाल पाशा , हाफिज हुसैन मौजूद रहे।