संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी किसानों की राजधानी का नाम मुजफ्फरनगर होना स्वाभिमान को चोट पहुंचाता है। यह नाम ऐसा है, मैं बोल भी नहीं सकता, जिले का नाम बदला जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह नई तकनीक से खेती कर एक एकड़ में एक साल में दो लाख रुपये कमा सकते हैं।
पशु प्रदर्शनी और कृषि मेले के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह जिला किसानों की राजधानी कहा जाता है। पूरे देश में जितना गेहूं, चावल, मक्का होता है, उससे ज्यादा कीमत का दूध होता है। हम दुग्ध उत्पादन पर दुनिया में नंबर एक पर पहुंच गए हैं। दुग्ध उत्पादन में बढोतरी के लिए अच्छी नस्ल की गाय, भैंस रखनी होगी।, जिस दिन हमारी गाय-भैंस 25 लीटर दूध देना शुरू कर देगी, उनकी कीमत भी दो लाख पहुंच जाएगी।
मेले में चौधरी घूम रहे हैं... घेर न लें
गिरिराज सिंह ने तीन कृषि कानून और अन्य मुद्दों का जिक्र भी छेड़ा कहा कि किसानों के सम्मान के लिए इन्हें वापस लिया। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का नाम लिए बिना कहा कि मेले में चौधरी घूम रहे हैं, कहीं हमें घेर न लें।
सोच बदलिए, चपरासी पसंद है किसान नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब हम बेटी का रिश्ता करने के लिए चलते हैं तो दस बीघा जमीन वाले किसान के बजाए एक सरकारी चपरासी को तरजीह देते हैं। इस सोच को बदलना होगा। आज किसान का बेटा खेती नहीं करना चाहता। सरकार चाहती है कि युवा तकनीक अपनाकर खेती से ही लाभ कमाएं। नौकरी के लिए इधर-उधर न जाएं।