फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वारदात के 22 माह बाद हुआ सनसनीखेज वारदात का खुलासा

विज्ञापन
विज्ञापन
22 माह बाद हुआ हत्याकांड का खुलासा
विज्ञापन

मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। करीब 22 महीने से लापता गांव नरा निवासी युवक की हत्या उसी के बहनोई ने ससुर की 22 बीघा जमीन हड़पने के लिए कर दी थी। हत्यारोपी सुंदर ने लाश को गंगनहर में फेंक दिया था, जो कि मेरठ के जॉनी थाना क्षेत्र में बरामद हुई थी। पुलिस ने जॉनी थाने में रखे शव के कपड़ों के आधार पर पहचान होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थाना क्षेत्र के गांव नरा निवासी अमित (30) छह जनवरी 2019 को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। अगले दिन अमित के पिता जोगेंद्र ने मंसूरपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अब तक अमित का सुराग नहीं लग पाया था। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि रविवार को अमित के बहनोई गांव मेहलकी निवासी सुंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अमित को जानसठ के चित्तौड़ा झाल पर ले जाकर उसकी हत्या कर शव गंगनहर में फेंकने की जानकारी दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि अमित का शव 20 जनवरी 2019 को मेरठ के जॉनी थाना क्षेत्र में गंगनहर से बरामद हुआ था। हत्यारोपी सुंदर ने वहां पहुंचकर शव को पहचान भी लिया, लेकिन जॉनी पुलिस व परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी। इसके चलते जॉनी थाने की पुलिस ने शव के कपड़े सुरक्षित रख उसका लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। उक्त कपड़ों के आधार पर सोमवार को अमित के पिता जोगेंद्र ने उसकी पहचान की। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ससुर जोगेंद्र के पास 22 बीघा जमीन है और अमित उनका इकलौता बेटा था। उक्त जमीन कब्जाने के लिए ही उसने अमित की हत्या की थी, ताकि बेटा न रहने पर सारी जमीन जोगेंद्र की बेटियों को मिले और वह ससुराल में रहकर जमीन पर कब्जा कर ले। पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपी सुंदर को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन

----------------3
सहारनपुर जेल में रहते हुए उगला था हत्या का राज
महिला की सूचना पर पिता ने अगस्त में दर्ज कराया था हत्या का मुकदमा
पेट्रोल पंप कर्मी की हत्या में सहारनपुर जेल में बंद था हत्यारोपी सुंदर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। जानसठ क्षेत्र के गांव मेहलकी निवासी सुंदर की शादी अमित की छोटी बहन श्यामलता से करीब चार साल पूर्व हुई थी। शादी के बाद से ही सुंदर की नजर ससुर जोगेंद्र की 22 बीघा जमीन पर थी।
इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि सुंदर ने जानसठ के नयागांव निवासी महिला मीनाक्षी और मेहलकी निवासी मिंटू व अमित के साथ मिलकर गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में जुलाई 2019 में पेट्रोल पंप कर्मचारी सुनील गुप्ता की हत्या की थी। हत्या के चार माह बाद गागलहेड़ी पुलिस ने हत्यारोपी सुंदर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सुनील गुप्ता का मोबाइल बरामद कर उसे जेल भेजा था, तभी से वह सहारनपुर जेल में बंद था। करीब चार माह पूर्व पत्नी श्यामलता सहारनपुर जेल में सुंदर से मिलने गई, तो वहां उसने साले की हत्या करने का राज उगला। उसने पत्नी को भी हत्या की धमकी दी थी। श्यामलता ने जेल से लौटकर पिता जोगेंद्र को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मंसूरपुर थाना पुलिस ने गुमशुदगी के इस मामले को हत्या में तरमीम कर लिया था। इसके बाद से ही मंसूरपुर थाना पुलिस हत्यारोपी सुंदर के सहारनपुर जेल से बाहर आने का इंतजार कर रही थी। करीब 25 दिन पूर्व जमानत पर छूटने के बाद मंसूरपुर पुलिस ने रविवार को सुंदर को श्यामलता से कॉल कराकर बहाने से मंसूरपुर बुलाकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद हुई पूछताछ में 22 माह से लापता अमित की हत्या का राजफाश हो सका।
विज्ञापन

लाश पहचानने के बावजूद नहीं की थी पहचान
मंसूरपुर। छह जनवरी 2019 को साले अमित की हत्या कर लाश गंगनहर में फेंके जाने के बाद हत्यारोपी सुंदर ने अगले दिन ससुर जोगेंद्र के साथ जाकर मंसूरपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद 20 जनवरी 2019 को अमित की लाश जॉनी थाना क्षेत्र में गंगनहर से बरामद की गई थी। शव की शर्ट पर लगे टैग के जरिये जॉनी पुलिस मंसूरपुर के एक टेलर तक पहुंची, जिसने उक्त शर्ट सुंदर द्वारा बनवाए जाने की जानकारी दी थी। इस पर जॉनी पुलिस ने सुंदर को शव की पहचान के लिए मेरठ मोर्चरी पर बुलाया, जहां सुंदर ने शव को पहचान तो लिया, लेकिन उसकी पहचान नहीं की। इस पर जॉनी पुलिस ने शव के कपड़े सुरक्षित रखते हुए उसका लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। जॉनी थाने में रखे गए उक्त कपड़ों के आधार पर ही सोमवार को पिता जोगेंद्र ने बेटे अमित की पहचान की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें