खतौली। मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद इमाम बारगाहों में मजलिस का दौर शुरु हो गया है। मजलिस का सिलसिला मोहर्रम की दस तारीख तक चलता रहेगा।
मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद मोहर्रम का महीना शुरु हो गया है। शिया सोगवार मजलिस में शामिल हुए। जिसमें करबला के वाकयात बयान किए गए। गांव शेखपुरा इमाम बारगाह में मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना सत्तार नकवी ने कहा कि मदीने से मौला हुसैन अपने परिवार को लेकर जंगलों और बयाबानों में होते हुए दो मोहर्रम को करबला पहुंचे थे। मौला हुसैन अपने नाना की कब्र पर पहुंचे तथा उनसे कहा कि मैं मदीना छोड़ रहा हूं। फिर मां की कब्र पर आकर रोने लगे कि अम्मा मैं मदीना छोड़ रहा हूं।
इसके बाद भाई की कब्र पर आए और वहां से विदा होकर काफिले को लेकर करबला की ओर चल पड़े। इस वाकयात को सुनकर सोगवारों की आंखे नम हो गई। नोहाखान अरशद जैदी, सलमान जैदी रहे। मरसिया खान मौजिज जैदी, अली जैदी, इसरार जैदी, अमीर अब्बास उर्फ छुग्गन मियां रहे।