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वाहन कटान के धंधे से जुड़े माफिया कर मुजफ्फरनगर का रूख

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वाहन कटान के धंधे से जुड़े माफिया ने किया मुजफ्फरनगर का रूख
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मुजफ्फरनगर। मेरठ के सोतीगंज में वाहन कटान पर हुई कार्रवाई के बाद अब चोरी के वाहन से जिले का नाम जुड़ा है। इस धंधे से जुड़े माफिया मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर का रुख करने लगे थे। एक कबाड़ी के मेरठ में पकड़े जाने के बाद यह बात उजागर हुई थी। माना जा रहा है, कि यहां कहां कहां से चोरी के वाहन लाकर कटवाए जा रहे है, इसका भी राजफाश होगा।
मीनाक्षी चौक से मेरठ मार्ग की तरफ चलने पर दाहिनी साइड कबाड़ियों की दुकानों पर अंदर छोटे बडे़ वाहनों के पार्टस व मिलन मार्केट में पुरानी गाड़ियां व गली में दुकानों के बाहर कटे पार्टस भारी संख्या में रखे दिखाई देते है। मेरठ में कई माह पूर्व चोरी के वाहनों के कटान को लेकर कार्रवाई के बाद यहां बाहर रखे पार्टस की संख्या कम हो गई थी। यदि सूत्रों की माने तो पिछले लगभग छह-सात माह से इन पार्टस की संख्या कम हो गई थी, लेकिन कुछ दिनों से फिर से संख्या में इजाफा हो गया था। इसी के चलते एएसपी से छापेमारी की थी।
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सूत्र बताते है कि मेरठ में इस धंधे के बंद होने पर वाहन चोरों ने मुजफ्फरनगर का रुख किया है। यह राज उस समय उजागर हुआ, जब दिल्ली से चोरी कर होंडा सिटी कार को मेरठ में छिपाया था। मुजफ्फरनगर लाने के लिए छिपाई कार को बरामद कर पुलिस ने जनकपुरी मुजफ्फरनगर निवासी कमल हसन कबाड़ी को पकड़ा था। खालापार निवासी ताहिर व मेरठ निवासी दो कबाड़ी फरार थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सहारनपुर के रहने वाले कुछ कबाड़ी भी मुजफ्फरनगर में इस धंधे को पनपते देखकर यहां आकर धंधा करने लगे थे। बुधवार को छापामारी के दौरान चिलकाना निवासी मोहम्मद आलम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है। उसका बेटा अख्तर आलम भी इस धंधे को संभालता था। जो मौके से फरार हो गया था। एएसपी के आदेश पर कार्रवाई तो की गई, लेकिन कोतवाली पुलिस के हाथ पैर कांप रहे है।
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कौन है सरपस्त- नेता या खाकी
वाहनों के इस कत्लखाने को लेकर सवाल उठ रहे है। लोग चर्चा कर रहे है, कि इतना बड़ा यह धंधा किसके इशारे पर चलाया जा रहा था। कोई अधिकारी है या फिर खाकी का नुमाइंदा, जो पर्दे के पीछे रहकर धंधा संचालित करा रहा था। वैसे पुलिस की पिछले कई माह से चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे है। कहा जा रहा है कि मार्केट में सीसीटीवी भी लगाए थे तो वहां कैसे यह धंधा चल रहा था, क्या सीसीटीवी बंद थे।
हिरासत में लिए कई लोग छोड़ने की चर्चा
चर्चा है कि पुलिस ने मौके से आधा दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा था, लेकिन चार पर ही मुकदमा लिखा गया, बाकी छोड़ दिए गए।
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