पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के परिवार की जमीन पर विवाद जारी है। मुजफ्फरनगर में 570 बीघा जमीन के बैनामों पर रोक है। जल्द ही जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित किया जा सकता है। रेलवे स्टेशन के सामने की जमीन को निष्क्रांत संपत्ति घोषित करने के बाद तनाव बढ़ गया है। एक पक्ष ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जबकि दूसरा पक्ष आज कलक्ट्रेट में कब्जा हटवाने के लिए धरना देने पहुंचेगा।
राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन ने 10 जून को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, एमडीए सचिव, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सिटी और पालिका के ईओ से मामले की जांच कराई।
लियाकत अली के परिवार की खसरा नंबर 930 पर को निष्क्रांत संपत्ति घोषित कर दिया गया। इस मामले में कब्जा हटवाने के लिए राष्टीय हिंदू शक्ति संगठन के जिलाध्यक्ष अमित मित्तल ने बताया कि जमीन से कब्जा हटवाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया जाएगा।
जमीन पर काबिज दूसरे पक्ष ने सिविल जज जूनियर डिवीजन में वाद दाखिल किया गया, जिस पर 10 सितंबर को सुनवाई होगी।