मुजफ्फरनगर। दुर्लभ प्रजातियों को कैमरे में कैद करने के लिए अमेरिका और आस्ट्रेलिया समेत कईं देशों के बर्ड वॉचर हैदरपुर वेटलैंड पहुंचे। इंडियन ग्रासबर्ड को कैमरे में कैद किया। इसके बाद पक्षी प्रेमी उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए।
रविवार को पक्षी प्रेमी आशीष गुर्जर ने विदेशी मेहमानों को हैदरपुर वेटलैंड का भ्रमण कराया। यहां पर इंडियन ग्रासबर्ड के अलावा दुर्लभ ब्रिस्टल्ड ग्रास बर्ड भी दिखाई दी। विदेशी मेहमान चिड़ियाओं को अपने कैमरे में कैद करते हुए नजर आए। पक्षी प्रेमी आशीष लोया ने बताया कि यहां के भ्रमण के बाद यह प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के लिए रवाना हो गया है। अमेरिका के पीटर , जॉन, जेफी प्राइस, आइसलैंड के हनु जेंस, डॉ. मार्टिन, अमांडा समेत 10 बर्ड वॉचर शामिल रहे।
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रामसर साइट है हैदरपुर वेटलैंड
ईरान के शहर रामसर में दो फरवरी सन 1971 को एक सम्मेलन हुआ। इसमें शामिल राष्ट्रों में वेटलैंड के संरक्षण से संबंधित एक समझौता हुआ और यह 21 दिसंबर 1975 से प्रभाव में आ गया। रामसर स्थल की परिभाषा के अनुसार वेटलैंड ऐसा स्थान है, जहां वर्ष में कम से कम आठ माह पानी भरा रहता हो और 200 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी रहती हो। हैदरपुर का चयन रामसर साइट के लिए हुआ था।