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पिता ने पुत्र के मरने के बाद उसकी आंखें दान की

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मंसूरपुर का मरने के बाद नेत्र दान करने वाले मृतक 26 वर्षीय हिमांशु का फाइल फोटो। - फोटो : KHATAULI
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दूसरे की जिंदगी को रोशन करेगी आंख
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मंसूरपुर। संसार में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो मरने के बाद भी कुछ ऐसे कार्य कर जाते हैं, जो समाज के लिए मिसाल बन जाती है। ऐसा ही कार्य मिल मंसूरपुर के हिमांशु ने मरने के बाद उसके पिता ने उसकी आंखें दान कर किया है।
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राजपाल चौहान मंसूरपुर शुगर मिल में कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। समाजसेवा से वैसे पूरा परिवार ओतप्रोत है। उन्होंने देहरादून नामक संस्था का गठन भी कर रखा है, जिसके लिए वे आसपास के लोगों को अंगदान करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। 15 वर्ष पूर्व राजपाल चौहान की पत्नी इंदू की मृत्यु हो गई थी, तो मेरठ मेडिकल कॉलेज में उनकी आंखें दान कर दी थी। शुक्रवार को राजपाल के 26 वर्षीय पुत्र हिमांशु की बीमारी के चलते मौत हो गई। हिमांशु की भी मेरठ मेडिकल कालेज में आई डोनेशन विभाग में आंखें दान कर दी। शनिवार को मिल मंसूरपुर के श्मशान घाट पर हिमांशु के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजपाल चौहान के परिवार में अब एक बेटा दीपांशु है। पिता व पुत्र दोनों ने भी मरने के बाद अपनी आंखें दान करने घोषणा कर रखी है। राजपाल चौहान का कहना है कि मरने के बाद शरीर मिट्टी रह जाती है, यदि उनके शरीर के अंगों से किसी जीवित प्राणी को लाभ हो जाता है, तो यह उनके लिए बड़ी सौभाग्य की बात है।
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