फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में पुलिस टीम पर कई बार हुई फायरिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में पुलिस टीम पर कई बार हुई फायरिंग
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। कानपुर में सीओ व एसओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की बृहस्पतिवार देर रात हुई शहादत से हर आंख नम है। पुलिस विभाग के साथ ही आम जनमानस भी इस विपदा में खाकी के साथ खड़ा है। कानपुर की हालिया वारदात ने सभी को दुख के सागर में डुबो दिया है। जनपद में भी बीते करीब तीन दशक में नौ पुलिसकर्मी अपना फर्ज निभाते हुए शहादत दे चुके हैं। जिले में भी कई बार पुलिस टीम पर दबिश के दौरान बदमाशों ने फायरिंग की। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और कुछ की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
- तत्कालीन थाना मंसूरपुर प्रभारी देवेंद्र सिंह यादव वर्ष 1992 में गांव सराय रसूलपुर में वांछित महेंद्र सिंह की तलाश में टीम के साथ दबिश देने गए थे। दबिश के दौरान वांछित ने एसओ को गोली मार दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन

- एक जनवरी 1995 को कई थानों की पुलिस फोर्स उस समय के कुख्यात बदमाश प्रदीप ठाकुर को पकड़ने गांव गुर्जरहेड़ी में गई थी। दबिश के दौरान हुई मुठभेड़ में तत्कालीन एसओ चरथावल मुनिराज सिंह गोली लगने से शहीद हो गए थे।
- छह मार्च 2006 को खतौली कोतवाली इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह चार्ज लेने के बाद एसएसपी से मिलने जिला मुख्यालय आ रहे थे। गांव नावला के निकट संदिग्ध हालात में खड़े तीन बदमाशों को उन्होंने रोका तो दो बदमाश फरार हो गए थे, जबकि एक को उन्होंने पकड़ लिया था। इसी दौरान पकड़े गए बदमाश ने जूते में छिपाया पिस्टल निकालकर इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह को तीन गोलियां मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई।
- करीब ढाई दशक पूर्व नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के दूूध विक्रेता के बेटे का अपहरण किया गया था, जिसकी बरामदगी के लिए पुलिस टीम खतौली क्षेत्र के एक गांव में दबिश देने गई थी। वहां गफलत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस टीम में शामिल दो पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मार दिया था।
- करीब आठ साल पूर्व पुलिस टीम ने शामली क्षेत्र में कुख्यात मुकीम काला को पकड़ने के लिए दबिश दी थी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में जनपद की सर्विलांस सेल के तेजतर्रार सिपाही सचिन की मौत हो गई थी।
- वर्ष 2013 में पेशी के बाद बुलंदशहर जेल ले जाए जाते समय हाईवे के धौलापुल पर बदमाशों ने पेशी वाहन पर एके-47 से गोलियां बरसा दी थी। इसमें पेशी वाहन से लिफ्ट लेकर घर लौट रहे बुलंदशहर निवासी सिपाही की गोली लगने से मौत हो गई थी।
- गत दो जुलाई 2019 कुख्यात रोहित सांडू को हिरासत से छुड़ाने के लिए बदमाशों ने जानसठ क्षेत्र के गांव सलारपुर में मिर्जापुर जेल के पुलिस वाहन पर हमला कर दिया था। इसमें एसआई दुर्गविजय सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
- वर्ष 2014 में जिला कारागार के बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की रात को ड्यूटी खत्म कर अपने आवास पर लौटते समय जेल से चंद कदमों की दूरी पर पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन

---------------
एसआई की रेत दी थी गर्दन
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली में तैनात एसआई कुलदीप सिंह पर करीब चार साल पूर्व ऐसा ही हमला हुआ था, जब हाईवे पर गश्त के दौरान उन्होंने एक बदमाश को पकड़ा था। जीप में बैठाकर थाने लाए जाने के दौरान उक्त बदमाश ने अपने कपड़ों में छिपाकर रखे गए तेजधार चाकू से पुलिस जीप की अगली सीट पर बैठे एसआई कुलदीप सिंह की गर्दन रेत दी थी। उक्त घटना में एसआई की जान बामुश्किल बच पाई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें