मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड से जुड़े सीबीआई बनाम बृजकिशोर मामले में बचाव पक्ष की बहस जारी रही। बचाव पक्ष की और से तर्क दिया गया कि यदि आंदोलनकारियों पर पुलिस फर्जी तरीके से हथियारों की बरामदगी दिखाती तो तलाशी क्यों लेती। इसके साथ ही बचाव पक्ष की और से सीबीआई के गवाह नंबर दो, तीन, पांच और सात की गवाही पढ़ कर सुनाई गई। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 17 मार्च निर्धारित कर दी।
बुधवार को रामपुर तिराहा कांड से जुड़ी तीन अलग-अलग पत्रावलियों में सुनवाई निर्धारित की गई थी। गौरतलब है कि एक अक्टूबर-1994 की रात को पृथक राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को रामपुर तिराहा के निकट रोक लिया गया था।
आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने आंदोलनकारियों पर फायरिंग की थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म करने के आरोप लगे थे। इस मामले में सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट के आदेश पर सात मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इनमें तीन मुकदमे अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
बुधवार को सीबीआई बनाम बृजकिशोर मामले में बचाव पक्ष की बहस जारी रही। जबकि सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट की ओर से सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी मामले में भी सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी गई।