देवबंद में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन के 46वें दिन आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि भावनाओं से खेलकर किसी को भी देश को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। इसलिए सरकार हठधर्मी छोड़कर जनता की आवाज सुने तो बेहतर होगा।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में चल रहे सीएए विरोधी धरना प्रदर्शन में फौजिया उस्मानी ने कहा कि देश के अलग अलग राज्यों में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है और जनता सरकार से जवाब मांग रही है, लेकिन सरकार जान बूझकर जनता की आवाज को सुनना नहीं चाह रही है। सरकार खुद जानती है कि सीएए को लागू उसने गलती की है, लेकिन वह हठधर्मी पर अड़ी हुई है। फौजिया ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि देशहित को ध्यान में रखते हुए सीएए को वापस लिया जाए। इरम उस्मानी ने कहा कि इस मुल्क की विशेषता यही है कि यहां सर्वधर्म के लोग एक परिवार की तरह रहते हैं, लेकिन आज इस परिवार को तोड़ने के लिए तरह तरह की साजिशें रची जा रहीं हैं। जिससे सभी लोगों को सावधान रहना है और साजिशें करने वालों को करारा जवाब देना है। उन्होंने कहा कि सीएए इसी साजिश का एक हिस्सा है और इसको कामयाब करने के लिए तमाम ताकतों को लगाया हुआ है। धरनास्थल पर स्कूली छात्राओं ने विभिन्न देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।