नगर पालिका की बैठक पर फिर से विवादों की साया
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड बैठक एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कोरोना महामारी के चलते चेयरपर्सन वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक कराने को कह रही हैं, जबकि ईओ इससे इंकार कर रहे हैं। डीएम ने भी नियमानुसार बैठक कराने के निर्देेश दिए हैं, लेकिन मामला अब नियम पर उलझ गया है। बैठक नहीं होने से पालिका का बजट भी पास नहीं हो सका।
नगर पालिका बोर्ड की पिछली बैठक 19 अक्तूबर 2019 को हुई थी। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की गैरमौजूदगी में हुई यह बैठक विवादों में घिरी थी। बाद में मंडलायुक्त सहारनपुर संजय कुमार ने बैठक को सही माना। इसके बाद नगर पालिका की कोई बैठक नहीं हो सकी। पहले संसद सत्र चालू होने की वजह से बैठक रुक गई थी। बाद में लॉकडाउन लागू हो गया। बजट पास नहीं होने से नगर पालिका के सामने वित्तीय संकट खड़ा हुआ है। ठेकेदारों के भुगतान के साथ ही सफाई कार्य, पाइप लाइन लीकेज एवं अन्य कई भुगतान रुके पड़े हैं। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल करीब एक महीना पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक करानेे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने इंकार कर दिया। उन्होंने इसे नियमानुसार नहीं बताते हुए डीएम से मार्गदर्शन चाहा था। ईओ के पत्र पर डीएम सेल्वा कुमारी जे ने नियमानुसार बैठक कराने के निर्देश दिए हैं। अब मामला नियम पर अटक गया है। कई दिनों की लिखापढ़ी के बावजूद बैठक कराने को लेकर कोई नतीजा नहीं निकला है।
पहले भी विवादों में फंसी रही बैठक
नगर पालिका की बैठकें पहले भी विवादों में फंसी रही हैं। ज्यादातर बैठकों में जबर्दस्त हंगामा रहा है। 12 जून 2018 तथा 19 अक्तूबर 2019 को हुई बोर्ड बैठक का मामला तो मंडलायुक्त तक पहुंचा था। इन दोनों ही बैठकों को कमिश्नर स्तर से अनुमति मिली थी।
इन्होंने कहा...
बोर्ड बैठक को लेकर एक-दो दिन में निर्णय ले लिया जाएगा। नियमों के अनुसार ही बैठक कराई जाएगी।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।
मैंने बार-बार ईओ को बैठक कराने के लिए पत्र लिखे हैं। बैठक नहीं कराने पर नगर पालिका को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक में प्रशासन को भी कोई आपत्ति नहीं है।
- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।
नगर पालिका की अब तक हुई बैठकें
दिनांक परिणाम
एक जून 2018 सफल
27 मार्च 2018 स्थगित
12 अप्रैल 2018 सफल
12 जून 2018 कमिश्नर ने सही मानी
16 जनवरी 2019 सफल
15 मार्च 2019 सफल
04 जून 2019 सफल
19 अक्तूबर 2019 कमिश्नर ने सही मानी