जानसठ नगर पंचायत में भाजपा ने पूर्व चेयरमैन प्रवेंद्र भड़ाना को प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन भाजपा नेता रजनीश सैनी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और उन्हें 2116 वोट मिले। भाजपा नेताओं की कलह से यहां रालोद गठबंधन के आबिद हुसैन ने चुनाव जीत लिया।
सिसौली में भाजपा ने ममता देवी को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें सिर्फ 492 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा नेता नितिन बालियान ने अपनी पत्नी आरती बालियान को मजबूती से चुनाव लड़ाया। आरती सिर्फ 157 वोटों से चुनाव हार गई। भाजपा नेता योगेश कुमार ने अपनी पत्नी मोनिका को निर्दलीय चुनाव लड़ाया, उन्हें 612 वोट मिले। भाजपा के तीन नेताओं के चुनाव मैदान में खड़े होने से निर्दलीय प्रत्याशी सुभाषिनी की जीत की राह आसान हो गई। बुढ़ाना, मीरापुर और सिसौली में भाजपा सबसे कम अंतर से चुनाव हारी।
वर्ष 2017 की जीत वाली जानसठ, शाहपुर इस बार भाजपा के हाथ से खिसक गई। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार सपा, रालोद और आसपा गठबंधन का जनाधार बढ़ा है। आम आदमी पार्टी ने भी निकाय चुनाव में जीत का खाता खोल लिया।
शाहपुर में गठबंधन को भारी पड़ा भितरघात
शाहपुर कसबे में आप प्रत्याशी मोहम्मद अकरम (5309) ने भाजपा के निवर्तमान चेयरमैन प्रमेश सैनी (3661) को हराकर सबको चौंका दिया। यहां पर रालोद ने इलियास को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे श्याम लाल बच्ची सैनी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिस कारण गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।