प्रत्याशियों ने केले के गोदाम कर दिए खाली
मुजफ्फरनगर। चुनाव लड़ रहे प्रधान पद के प्रत्याशियों के द्वारा भारी मात्रा में केलों की खरीदने के कारण बाजार में केले को लेकर मारामारी मच गई है। केले के दाम 50 से सीधे 100 रुपये दर्जन पर पहुंच गए हैं। अनार, अंगूर और खरबूजे की भी इसी तरह डिमांड बढ़ी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान नवरात्र और रमजान माह शुरू हो जाने से प्रधान पद के प्रत्याशियों ने गांवों में भंडारा बंद कर दिया है। अब त्योहारों के हिसाब से ही प्रधान पद के प्रत्याशी जनता को लुभा रहे हैं। व्रत और रोजा रखने वालों की सुविधा के लिए प्रधान पद के प्रत्याशियों ने गांवों में फलों का वितरण शुरू कर दिया है। बीते तीन दिन से फल मंडी में फलों की कमी हो गई है। कुछ दिन पहले केला यहां गोदामों में खराब होने की स्थिति में था। अब तक 40 से 50 रुपये दर्जन का रेट चल रहा था। प्रधान पद के प्रत्याशियों के एक-एक गांव में एक से दो हजार दर्जन तक की डिमांड किए जाने से रेट दोगुने हो गए हैं। प्रत्याशी सीधे गोदाम से ही खरीद रहे हैं। बृहस्पतिवार को केले के पांच गोदाम प्रधान के प्रत्याशियों ने ही खाली करा दिए। ठेली पर केला बेचने वालों को उनकी डिमांड के हिसाब से केला नहीं मिल पाया। ठेली पर केला बेचने वाले वसीम ने बताया कि उनके सामने ही प्रधान पद के प्रत्याशी मुंह मांगे दामों में केला खरीद कर ले गए। कुछ गांवों में अनार का वितरण भी हो रहा है। प्रधान पद के एक प्रत्याशी ने पांच क्विंटल अनार खरीदा। कुछ ने खरबूजा और अंगूर का वितरण भी किया है। थोक में फलों की खरीदारी से मंडी में फलों की कमी हो गई है। फल विक्रेताओं ने बताया कि रमजान और नवरात्र पर हर साल फलों में दस से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती थी। इस बार 100 प्रतिशत बढ़ोतरी होने के कारण चुनाव के चलते थोक में खरीदारी होना है।
सतर्कता बरतेगा प्रशासन: अमित
मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि वोटर को किसी भी तरह का प्रलोभन नहीं दिया जा सकता। यदि फल वितरण हो रहा है तो इस पर कड़ी दृष्टि रखी जाएगी और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी।