- निकाय कराएं खेल और अपने-अपने क्षेत्र में संचालित करें लाइब्रेरी
- युवाओं के मुद्दों पर सिर्फ बात करने से नहीं बनेगी बात
- प्रत्येक निकाय की ओर से कौशल विकास का होना चाहिए इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। नगर निकाय चुनाव का प्रचार जोर पकड़ रहा है। प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए खूब वादे कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। चुनाव में युवाओं की बात होती है, लेकिन इसके बाद मुद्दे भुला दिए जाते हैं। समय के साथ सभी निकायों को अपने कार्यों और प्राथमिकता में बदलाव करना होगा। नाली, खड़ंजें और कूड़ा-करकट से आगे बढ़कर पहल किए जाने की आवश्यकता है। हर निकाय की जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले युवाओं के भविष्य के लिए कोई न कोई ठोस प्रयास करें।
चुनाव में रोजगारपरक शिक्षा की बात होती है, लेकिन रोजगार पर ध्यान नहीं दिया जाता। निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में रहने वाले युवाओं के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था करनी चाहिए। खेल गतिविधियों के संचालन में निकायों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। प्रत्येक युवक को नौकरी नहीं मिल सकती, लेकिन अगर कौशल विकास पर ध्यान दिया जाए तो वह अपना रोजगार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकता है।
पालिका संचालित करें लाइब्रेरी
डीएवी कॉलेज के छात्र नेता वीशू मलिक का कहना है कि पालिका को शहर में छात्र-छात्राओं के लिए लाइब्रेरी बनानी चाहिए। इससे शिक्षा का बेहतर माहौल बन सकेगा।
खेल गतिविधि कराएं नगरपालिका
छात्र संघ के संयुक्त सचिव अमन जैन का कहना है कि प्रत्येक वर्ष पालिका को शहर में शिक्षण संस्थाओं की संयुक्त खेल गतिविधि का संचालन कराना चाहिए। इससे प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
कौशल विकास में करना चाहिए सहयोग
डीएवी कॉलेज के छात्र नेता कपिल कुमार का कहना है कि पालिका को अपने बजट का एक हिस्सा युवाओं के कौशल विकास पर खर्च करना चाहिए। इसके लिए विशेष ट्रेनिंग शिविर आयोजित किए जा सकते हैं।
यातायात व्यवस्था पर देना चाहिए ध्यान
डीएवी कॉलेज के एलएलबी के छात्र राजशेखर ने कहा कि शहर में शिक्षण संस्थाओं के आसपास जाम की समस्या बड़ी है। छुट्टी के समय हालात मुश्किल हो जाते हैं। पालिका को प्रशासन के साथ मिलकर शहर की यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
नई शिक्षा नीति पर होने चाहिए सेमिनार
श्रीराम कॉलेज के छात्र निगम नायक का कहना है कि नई शिक्षा नीति के प्रचार-प्रसार के लिए सेमिनार कराए जाने की आवश्यकता है। जनप्रतिनिधि और पालिका इसमें अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
बाहरी बस्तियों पर ध्यान दें पालिका
छात्र मुकेश चौधरी का कहना है कि पालिका को शहर के बाहरी इलाकों में सफाई पर ध्यान देना चाहिए। गंदगी से बीमारियां फैल रही हैं।
शहर के मार्गों पर पसरी गंदगी
छात्र हार्दिक शर्मा का कहना है कि शहर के कई मुख्य मार्गों पर गंदगी पसरी रहती है। यही नहीं जाम की समस्या है। युवाओं की बात केवल चुनाव के समय होती है। समस्याओं का गंभीरता से निस्तारण किया जाना चाहिए।
रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा
छात्रा स्नेहलता का कहना है कि युवाओं के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। रोजगार से ही बेहतर भविष्य का निर्माण होता है।
परिवहन का होना चाहिए इंतजाम
छात्रा युविका गर्ग का कहना है कि स्कूल या कॉलेज के समय पर परिवहन का बेहतर इंतजाम होना चाहिए। ऐसे शिक्षक और छात्र-छात्राएं जो देहात से आते हैं उन्हें परेशानियां उठानी पड़ती है।