पुलिस निगरानी में बागपत धरने में पहुंचे ठाकुर पूरण सिंह
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह मंगलवार को पुलिस निगरानी में किसानों के साथ बागपत के काठा में चल रहे धरने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिना वजह आंदोलन में किसानों की आवाज दबाना चाहता है। सरकार द्वारा लागू गए कृषि कानून किसानों की जमीन खोदने वाले हैं।
सोमवार रात में ही किसान नेता ठाकुर पूरण सिंह के आवास पर तितावी थाने की पुलिस पहुंच गई थी। पुलिस प्रशासन ने उन्हें क्षेत्र के किसानों से मिलने पर पाबंदी लगा दी थी। हालांकि बागपत धरने में जाने से पहले उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई पुलिस को वापसी जाने के लिए कहा। लेकिन उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस की दो गाड़ियां अलग से उनकी गाड़ियों के साथ बागपत तक साथ रहीं। काठा धरने तक उनकी गाड़ियों को उनसे अलग होने नहीं दिया गया।
रवाना होने से पहले उन्होंने नसीरपुर में किसानों से कहा कि यह आंदोलन दबने वाला नहीं है। इतिहास में इस आंदोलन में किसानों के शहीद होने की दास्तान लिखी जाएगी। देशभर के सात लाख किसान दिल्ली में विभिन्न बॉर्डर पर कड़कड़ाती ठंड की परवाह किए बिना हक की आवाज लिए खुले आसमान के नीचे डटे हैं। कहा कि एकजुटता में ताकत होती है। किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। सरकार को किसानों की मांग माननी पड़ेगी।
जिलाध्यक्ष दीपक सोम, कृष्णपाल सिंह नंगला पिथौरा, ओमप्रकाश सिंह, मास्टर रमेश चंद, सहारनपुर जिला सचिव गौरव सिंह मोरा, कुशलपाल सिंह फौजी रामपुर, अंकुर पुंडीर, रोकी सिंह आदि भी उनके साथ रवाना हुए। उधर, तितावी के उप निरीक्षक प्रहलाद सिंह के साथ पुलिस बल भी किसानों के साथ धरने के लिए साथ गए।