टेंडर प्रकरण : डीपीएम और ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। नगर निकायों में सात करोड़ रुपये के टेंडर दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी के मामले में स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सहित दो लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता करीब 25 दिनों से कार्रवाई की मांग को लेकर चक्कर लगा रहा था।
शहर के उत्तरी सिविल लाइंस निवासी ठेकेदार लवी त्यागी ने डीएम, एसएसपी सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सरदार बलजीत सिंह ने सात करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने के नाम पर उससे सात लाख रुपये की मांग की। उसने 14 अगस्त 2018 को चार लाख तथा 17 नवंबर 2018 को तीन लाख रुपये डीपीएम के साथी ठेकेदार नवीन राणा के खाते में आरटीजीएस किए। इसके बावजूद उसे काम नहीं मिला। उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो टरकाते रहे। आरोप है कि करीब चार महीने पहले आरोपी उसे जीआईसी में मिले और धमकी दी। मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने शिकायतकर्ता लवी त्यागी की ओर से सरदार बलजीत सिंह एवं नवीन राणा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कई निकायों की ठेकेदारी में खेल की आशंका
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में न केवल मुजफ्फरनगर बल्कि कई अन्य नगर निकायों में बड़े खेल की आशंका है। मामले में वायरल हुई ऑडियो में बरेली, प्रयागराज एवं लखनऊ आदि जिलों में भी काम दिलाने की बात कही गई। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में भोकरहेड़ी, मीरापुर, शाहपुर और बुढ़ाना नगर पंचायतों में भी होने वाले कार्य दिलाने की बात हो रही है। डीपीएम के खिलाफ हुई शिकायत के बाद से ही इस तरह के कई ऑडियो वायरल हुए थे।
सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे मामले की जांच
लवी त्यागी ने 29 मई को डीएम और एसएसपी से शिकायत की थी। सिविल लाइंस थाने में तहरीर भी दी थी। बाद में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सूत्रों का कहना है कि मंडलायुक्त सहारनपुर के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। प्रकरण की जांच सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार कर रहे थे। गत दो जून को उन्होंने दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए थे। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
नौकरी लगवाने के नाम पर भी ठगी के आरोप
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी की शिकायतें हुईं। 16 जून को शामली जिले के गांव गोहरनी निवासी नीरज कुमार तथा मुजफ्फरनगर की साकेत कॉलोनी निवासी रेखा शर्मा ने भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया था। एक अन्य व्यक्ति ने भी डीपीएम पर इस तरह का आरोप लगाया था। शहर कोतवाल अनिल कपरवान का कहना है कि लवी त्यागी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।