एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। पाले और शीतलहर के बाद मंगलवार को बादल छा गए। इससे सर्दी में एकाएक इजाफा हो गया। तापमान में गिरावट होने से लोग ठिठुरते रहे। शाम को गलन बढ़ने से स्थिति और खराब हो गई। साप्ताहिक बंदी का दिन होने के कारण बाजारों में जल्द ही सन्नाटा छा गया। बर्फीली हवाओं के चलने से लोग घरों में जल्द ही कैद हो गए। उधर, कड़ाके की सर्दी बच्चों और बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है। बच्चे विंटर डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
कड़ाके की सर्दी के कारण निमोनिया और खांसी-जुकाम से पीड़ितों की संख्या बढ़ गई हैं। चिकित्सक बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही बुजुर्गों से सुबह-शाम घरों में ही रहने को कहा जा रहा है। ठंड लगते ही बच्चे विंटर डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। उन्हें उल्टी- दस्त के साथ निमोनिया हो जाता है। जिला अस्पताल में ठंड से पीड़ित बच्चों और बुजुर्गों की संख्या बढ़ गई है।
बच्चा वार्ड में आयशा, रामपुरी निवासी अवनी, इंदिरा कॉलोनी के निशांत, चरथावल की आहत और गुलनाज के अलावा कई बच्चे भर्ती हैं। इन्में से अधिकांश उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। ओपीडी में भी बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रहती है। स्वामी कल्याणदेव जिला अस्पताल के बाल रोग विशेष डा एके अग्रवाल तथा फिजीशियन डा योगेंद्र त्रिखा बताते हैं कि ओपीडी में निमोनिया, खांसी-जुकाम, उल्टी-दस्त आदि के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
बता दें कि तीन दिन पहले तेज धूप निकलने के कारण लोगों ने सर्दी से राहत महसूस की थी। एक बार फिर पाले और शीतलहर ने फिर से सर्दी का अहसास लोगों को करा दिया। रविवार और सोमवार को ठंडी एवं तेज हवाओं के चलने कारण ठिठुरन बढ़ गई। पाले ने भी अपना असर खूब दिखाया। मंगलवार को भी दोपहर तक हवा का सितम जारी रहा, लेकिन इसके बाद बादल छा गए। इससे ठंड और बढ़ गई। लोग ठंड में कांपते नजर आए।
जिले का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तथा अधिकतम 18.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। साप्ताहिक बंदी होने के कारण बाजार में भी जल्द सन्नाटा छा गया। गन्ना शोध केंद्र के मौसम विशेषज्ञ पान सिंह का कहना है कि पहाड़ों में लगातार हो रही बर्फबारी और शीतलहर के कारण सर्दी बढ़ रही है। मंगलवार को बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान कम हो गया, इसी कारण सर्दी का प्रकोप और बढ़ गया।
बच्चों का रखें ख्याल, बुजुर्ग न निकलें बाहर
सर्दी में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। विंटर डायरिया में बच्चे के शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है। रोटा वायरस संक्रमित हाथ, खिलौने, दूध की बोतल, गंदे कपड़े, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से छोटे बच्चे बीमार हो जाते हैं। इसलिए बच्चे को ठंड के साथ गंदगी से भी बचाने की जरूरत होती है। बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें। ड्राई फ्रूट्स का भी सेवन कराएं। बुजुर्गों का सुबह-शाम घर में रहना ही बेहतर है।
गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़
मुजफ्फरनगर। मंगलवार को नुमाइश मैदान में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए भीड़ रही। ठंड अधिक पड़ने से गर्म कपड़ों की डिमांड बढ़ गई है। मंगल बाजार में बड़ी तादाद में गर्म कपड़ों की बिक्री होती है। इसलिए यहां खरीदारों की भारी भीड़ रहती है।