- देश की प्रतिष्ठित संस्था की ओर से भारत सरकार के खर्चे पर होंगे रवाना
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। टांडा के डॉ. पंकज कुमार को भारत सरकार के विज्ञान और अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड की तरफ से दक्षिण अफ्रीका में शोध कार्य के लिए चयनित किया गया है।
चरथावल विकास खंड की सीमा पर स्थित गांव टांडा के किसान मेघ पाल सिंह और शिमला देवी के घर जन्मे डॉ पंकज की कामयबी पर गांव एवं जनपद का गौरव बढ़ा है। माता-पिता के साथ दो छोटे भाई प्रवेश और लोकेश कुमार गांव में रहते है। उन्होंने थानाभवन के लाला लाजपत राय इंटर कॉलेज से 12 वी और डीएवी डिग्री कॉलेज से स्नातक और गणित विषय के साथ स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। बताया कि नेट टॉपर्स को रिचर्स करने के लिए
स्कॉलरशिप मिलती है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) नवंबर वर्ष 2011 से जून 2017 में उतीर्ण कर ली थी। दिल्ली प्रॉद्योगिक विश्वविद्यालय, दिल्ली से 2017 में ब्रह्माण्ड शास्त्र में पीएचडी की डिग्री हासिल की। भारत सरकार उन्हें शोध के लिए प्रति माह वेतन देगी। वह इस कामयाबी का श्रेय गुरूजनों और दोस्तों को देते हैं।
हिमाचल प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर दे रहे थे सेवा
वर्तमान में डॉ. पंकज कुमार महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, सोलन, हिमाचल प्रदेश के गणित विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन विज्ञान और अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड, भारत सरकार द्वारा दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में स्थित क्वाजुल नातल विश्वविद्यालय में शोध कार्य करने के हुआ है।
छह महीने विदेश करेंगे रिचर्स
विदेश में भारतवंशी प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार के साथ मिलकर ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों पर शोध कार्य करेंगे। उन्हें सुलझाने का प्रयास करेंगे। वर्तमान में हमारा ब्रह्मांड तेज गति से फैल रहा। गहराई से इनके कारणों का अध्ययन किया जाएगा। 14 जनवरी 2024 को नई दिल्ली एयरपोर्ट से दक्षिण अफ्रीका के शहर डरबन के लिए रवाना होंगे।