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जौला गांव के जंगल से पकड़ी तमंचा फैक्ट्री

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जौला गांव के जंगल में पकड़ी तमंचा फैक्टरी
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। पुलिस ने देर रात जौला गांव के जंगल में गन्ने के खेत में छापा मारकर तमंचा बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी जमील को गिरफ्तार किया है। उसका साथी पुलिस से बचकर भागने में सफल हो गया। घटनास्थल से पुलिस ने बने व अधबने तमंचे, कारतूस व तमंचा बनाने के उपकरण बरामद किए।
एसपी देहात ने प्रेस वार्ता कर इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर को उनके मोबाइल पर बुधवार को देर रात जौला गांव के जंगल में परासौली गांव के लिंक मार्ग पर तमंचा फैक्टरी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गन्ने के खेत को घेर लिया। गन्ने के खेत में छापा मारकर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी पुलिस से बचकर भागने में सफल हो गया। घटनास्थल से पुलिस ने तमंचा बनाने के उपकरण व तमंचों के पुर्जें भी बरामद किए। बृहस्पतिवार को बुढ़ाना कोतवाली पहुंचे एसपी देहात अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मौके से पकड़ा गया आरोपी जमील जौला गांव का निवासी है। उसका फरार साथी मंदवाड़ा निवासी फरमान है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी युवक तमंचे बनाकर सप्लाई करने का कार्य करते है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ बुढ़ाना व छपार थाना क्षेत्र में कई मुकदमे कायम है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।
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तीन से पांच हजार रुपये में बिक रहा तमंचा
बुढ़ाना। एसपी देहात अतुल कुमार श्रीवास्तव ने तमंचे बनाने के आरोपी से पूछताछ के बाद बताया कि एक तमंचे के निर्माण में करीब 1500 रुपये की लागत आती है। बना हुआ तमंचा तीन से पांच हजार रुपये में बिक जाता है। मांग अधिक होने पर तमंचों की कीमत बढ़ जाती है। मांग कम होने पर कीमत कम हो जाती है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में तमंचों का निर्माण किया जा रहा था।
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