केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान विधायक उमेश मलिक पर हुए हमले के बाद काफी गुस्से में नजर आए। प्रोटोकाल दर किनार कर थाना भौराकलां पहुंचे संजीव बालिया ने थाने में मौजूद डीएम और एसएसपी को साफ शब्दों में कह दिया कि जिले में अब कानून का राज स्थापित हो जाना चाहिए। तल्ख अंदाज में उन्होंने कहा कि कप्तान साहब, कार्रवाई कर लो या बीच में से हट जाओ, साथ ही हमला करने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमारी संवैधानिक मजबूरी को कमजोरी न समझे, हमारी रगो में भी वही खून है जो उनमें, इलाका भी वही है, संभाल लें अपने आपको।
थाने पर मौजूद भाजपा समर्थकों के गुस्से को शांत करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा इरादा सिसौली जाने का था, लेकिन हाईकमान ने आज जाने के लिए मना कर दिया। हम इतने बोद्दे (कमजोर) नहीं है कि हमें कोई किसी एक व्यक्ति के कहने से कोई गांव में जाने से रोक देगा। संवैधानिक मजबूरी न होती तो हमारे सामने बोल भी न पाते। घटना से गुस्सा है, सबको दुख है। इलाका भी वही है, हम हटने वाले नहीं हैं, दबने वाले नहीं है और पीछे जाने वाले नहीं है। कोई मुगालते में ना रहे। दिमाग से वहम निकाल लें, शब्दों का चयन हमारी संवैधानिक मजबूरी है। कार्यकर्ता हमें भी इतने ही प्यारे हैं। उन्होंने कहा दबाव बनाना हमारे पे भी आता है। 2013 से सब सीख लिया।
संजीव बालियान ने कहा कप्तान साहब या तो जिले में कानून का राज बना दो नहीं तो फिर बीच में से हट जाओ। यह सब बोलते हुए बालियान ने थाने में मौजूद लोगों से कहा कि वह अपने घर चले जाएं। कार्रवाई के लिए पुलिस को समय दिया जा रहा है।
बता दें कि थाने पर राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य विजय दुल्हेरा, रामनाथ, पूर्व विधायक अशोक कंसल, विनीत कात्यान, रोहताश पाल, सचिन सिंघल, वैभव त्यागी, श्रीमोहन तायल, सुधीर खटीक, प्रवीण शर्मा, एकांश त्यागी आदि मौजूद रहे।