नोटबंदी के बाद बाजार में खुले की समस्या से जूझ रहे दुकानदारों ने मंदी से उबरने के लिए स्वाइप मशीन की डिमांड की है। बैंक डिमांड के अनुसार मशीनें उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं के साथ दुकानदार भी परेशान हैं। एसबीआई के अधिकारियों का कहना है कि जो मशीन चार दिन में उपलब्ध हो जाती थी, अब अधिक डिमांड होने के कारण वह दस दिन में भी नहीं मिल पा रही है। पीएनबी के अधिकारी तो एक माह बाद मशीन उपलब्ध होने की बात कर रहे हैं।
कैश लेस सिस्टम को अपनी दुकानों पर शुरू करने के लिए शहर के दुकानदार बैंकों में स्वाइप मशीन की डिमांड कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद से दुकानों पर मंदी छा गई। उपभोक्ताओं के पास पैसा नहीं होने के कारण बाजार में दुकानों पर सामान की बिक्री नहीं हो पा रही है। दुकानदार इसके लिए लगातार स्वाइप मशीन की डिमांड कर रहे हैं। शहर में स्वाइप मशीन की सबसे ज्यादा डिमांड नईमंडी क्षेत्र में हैं। नईमंडी एसबीआई के मैनेजर जगन्नाथ शर्मा का कहना है कि नोटबंदी के बाद से सबसे बेहतर सेवा एसबीआई दे रहा है।
हमारा बैंक 24 हजार देने की कोशिश कर रहा है। दूसरे स्वाइप मशीन लगाने में भी हम आगे हैं। अब तक 25 मशीनें मंडी क्षेत्र में लग चुकी हैं। 50 मशीनों की डिमांड आ गई है, जो मशीन पहले चार दिन में लग जाती थी अब अधिक डिमांड के कारण वह दस दिन में लग पा रही है। एसबीआई की मुख्य शाखा में भी स्वाइप मशीनों की काफी डिमांड है। लीड बैंक पीएनबी में स्वाइप मशीनों की डिमांड बढ़ी है। लीड बैंक मैनेजर शशी कुमार जैन का कहना है कि जिस तरह स्वाइप मशीन की डिमांड बढ़ी है, इससे यह लग रहा है कि एक माह से पहले मशीन व्यापारियों के यहां लगा पाना मुमकिन नहीं है।