मलिकपुरा छोड़ चुका है रविंद्र का परिवार
दंगा पीडि़त रविंद्र मलिक मूल रूप से बुढ़ाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कई साल पहले कवाल गांव के मजरे मलिकपुरा में जमीन खरीदी थी और परिवार के साथ यहीं बस गए।
27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में उनके बेटे गौरव मलिक और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद मुजफ्फरनगर दंगा भडक़ गया था। दंगे के बाद रविंद्र का परिवार शहर के दक्षिणी सिविल लाइन में रह रहा है।
क्या है कवाल कांड़
मलिकपुरा निवासी ममेरे और फुफुरे भाई सचिन और गौरव का कवाल में 27 अगस्त 2013 को शाहनवाज से झगड़ा हुआ था। दोनों शाहनवाज पर हमला कर भाग रहे थे, इस दौरान उन्हें तिराहे पर भीड़ ने घेर लिया और धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी थी। बाद में शाहनवाज की मौत भी हो गई थी। सचिन और गौरव की हत्या के मामले में आरोपियों को सजा हो चुकी है, जबकि शाहनवाज की हत्या का मामला अदालत में विचाराधीन है और 23 नवंबर को सुनवाई होनी है।