गठवाला खाप के गांव फुगाना से खाद्य सामग्री लेकर किसान आंदोलन में रवाना हुए किसान।
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किसान आंदोलन को गठवाला खाप का पूरा समर्थन
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर डटे किसानों के लिए गठवाला खाप के किसान फुगाना गांव से डीसीएम में राशन लादकर रवाना हुए। किसानों ने कहा कि हक की लड़ाई लड़ने वाले किसानों के सामने खाद्य सामग्री की समस्या नहीं आने दी जाएगी। खाप का पूरा समर्थन किसानों के साथ है।
गठवाला खाप के गांव फुगाना में बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधान चौधरी थाम सिंह के घेर में चौधरियों की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में सर्वसम्मति से चौधरियों ने अपना पूर्ण समर्थन किसान आंदोलन को दिया। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के मुताबिक 28 दिन से हक के लिए लड़ाई लड़ रहे राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर डटे किसानों के लिए राशन एकत्र किया गया। आटा, दाल, चावल, मसाले, आलू और सब्जी आदि डीसीएम में भरकर एक दर्जन किसान चौ. मुकेश मलिक के नेतृत्व में दिल्ली की सीमाओं की ओर रवाना हुए। थांबेदार बाबा चौधरी बीरसैन ने कहा कि कड़ाके की ठंड में अपने बीवी-बच्चों व पशुओं को छोड़कर किसान पूरे देश के किसानों के हित में लड़ाई लड़ रहे हैं। देश के किसान का दुर्भाग्य है की अपने हक की लड़ाई के लिए अपने ही देश में उसे आंदोलन करना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान चौ. थामसिंह ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को किसानों के हित में बता रही है। किसान कृषि कानूनों को अपने हित में नहीं मानते। ऐसी स्थिति में सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने चाहिए। चौ. मुकेश ने कहा कि कृषि कानून सरकार किसानों पर जबरदस्ती थोप रही है। यह देश के किसानों के साथ अन्याय है। चौधरियों ने कहा कि किसान के बेटे देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर गोली खा रहे। देश को अनाज खिलाने वाला अनदाता सरकार से अपने अधिकारों की भीख मांग रहा है। राशन लेकर जाने वालों में राकेश मलिक, सुरेंद्र मलिक, सुनील कुमार, धर्मवीर सिंह, ब्रह्म सिंह, जगपाल सिंह और ब्रजपाल आदि किसान दिल्ली रवाना हुए।