आईएमए के अध्यक्ष डॉ रविंद्र जैन।
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लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन, लेकिन रियायत मिले
मुजफ्फरनगर। जानलेवा वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना वायरस पर विजय पाने की जंग में देश में 21 दिनों का लॉकडाउन मंगलवार को पूरा हो रहा है। इस बीच कोरोना पॉजिटिव केस भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि क्या लॉकडाउन बढ़ना चाहिए या नहीं। इस पर अधिकांश लोगों का कहना है कोरोना के बढ़ने केस को देखते हुए मौजूदा हालात में लॉकडाउन बढ़ना चाहिए, मगर कुछ रियायत भी मिलनी चाहिए।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि कंडीशनल आधार पर लॉकडाउन बढ़ना चाहिए। किसानों को छूट मिली है, अन्य लोगों को भी रियायत मिलनी चाहिए। दुकानें एक दिन छोड़ कर बारी-बारी से सभी सामान की खुलनी चाहिए। स्कूल जुलाई तक बंद रहने चाहिए। चारधाम एवं अन्य यात्रियों पर रोक लगनी चाहिए। आईएमए के अध्यक्ष डॉ रविंद्र जैन का कहना है कि लॉकडाउन तो बढ़ाना ही पड़ेगा। इतना जरूर हो सकता है कि इसका तरीका कुछ बदल दिया जाए। यदि लॉकडाउन हटता है तो 15-20 दिन में ही कोरोना पॉजिटिव केस कई गुना बढ़ सकते हैं। अर्थव्यवस्था को देखते हुए सरकार इंडस्ट्रीज, एग्रीकल्चर एक्टिविटी या अन्य कुछ जरूरी कार्यों के लिए कुछ छूट दे सकती है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहारनपुर डिविजन के चेयरमैन कुशपुरी का कहना है कि 21 दिन के लॉकडाउन में हम यह जान चुके है कि हमें क्या सावधानी बरतनी है। सावधानी के साथ फैक्टरी चलाने की इजाजत मिलनी चाहिए। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष रेवती नंदन सिंघल का कहना है कि सब्जी मंडी खुल रही, गुड़ और अनाज मंडी खुल रही है। दवा की दुकानें खुल रही हैं। अन्य जरूरी सामान की दुकानें भी खुलनी चाहिए। वैसे लॉकडाउन बढ़ना चाहिए।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिशन के सहारनपुर डिवीजन के चेयरमैन उद्यमी कुशपुरी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
व्यापारी नेता रेवतीनंदन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR