उपनिरीक्षक आदेश ने बताया कि करीब दो सप्ताह पूर्व वह अपने कमरे में सोए हुए थे कि अचानक रसोई से बर्तन खड़कने की आवाज आई। उन्होंनेे रसोई में जाकर देखा तो कुछ अजीब माहौल दिखाई दिया।
दूध गरम करके पीने के बाद उनको अचानक शरीर के कंधों पर भारी वजन पड़ने लगा, वह रसोई से निकलकर कमरे में आकर चारपाई पर लेटे, तभी उनको अपने सीने पर किसी के बैठने और पैरों को पकड़कर दबाए जाने का आभास हुआ। शरीर बेजान हो गया और वे पसीने से तर हो गए। उस दिन के बाद आज तक उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
थाने में तैनात कांस्टेबल सचिन कुमार ने बताया कि उसके साथ जयविद राठी आदि सहित अन्य कांस्टेबल थाने के कार्यालय के ऊपर बने कमरे में एक साथ रहते हैं। कमरे के अंदर आने का एक ही दरवाजा है, अन्य कोई रोशनदान, खिड़की आदि भी नहीं है। हम सब लोग ड्यूटी पर तैनात थे। वापस कमरे में आए, तो कमरे के अंदर सामान बिखरा हुआ था। पुलिसकर्मियों ने अपने कमरों को खाली कर अन्य पुलिस कर्मियों के साथ उनके कमरों में रहना शुरू कर दिया है।
पेड़ से लटके मिले थे प्रेमी युगल के शव
बेहड़ा सादात के ग्रामीणों ने बताया कि जहां पर ककरौली थाना बना है, वहां काफी वर्ष पूर्व पेड़ पर प्रेमी युगल के शव लटके हुए मिले थे। इसको लेकर भी लोगों में अंधविश्वास बना हुआ है।
मैं बाहर हूं। ककरौली थाने के पुलिस वाले भूत के साये की बात क्यों कह रहे हैं, यह मालूम नहीं है। पता कराया जाएगा कि माजरा क्या है। - नेपाल सिंह, एसपी देहात