मुजफ्फरनगर। गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने से चीनी मिलों ने जिले में भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। जिले में अभी तक एक करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। किसान करीब 325 करोड़ रुपये का गन्ना चीनी मिलों में डाल चुके हैं। जिले की पांच चीनी मिलें ऐसी है, जिन्हें पेराई करते हुए 20 दिन से अधिक हो चुके हैं लेकिन किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।
जिले की चीनी मिलों में इस समय प्रतिदिन पांच लाख क्विंटल से अधिक की गन्ना पेराई हो रही है। अब तक एक करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई चीनी मिलों में हो चुकी है। किसान चीनी मिलों को 325 करोड़ का गन्ना डाल चुके हैं। इस बार चीनी मिलों ने पेराई के 14 दिन बीत जाने के बाद भी भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। जिले में सबसे पहले मोरना चीनी मिल ने 27 अक्तूबर से गन्ना पेराई प्रारंभ की। खतौली चीनी मिल ने 30 अक्तूबर से, भैसाना और मंसूरपुर ने एक नवंबर से, टिकौला ने दो नवंबर से पेराई प्रारंभ की। खाईखेड़ी ने 12 नवंबर, तितावी ने 14 नवंबर और रोहाना ने 15 नवंबर से पेराई प्रारंभ की। इनमें पांच चीनी मिल ऐसी हैं, जिन्हें गन्ना पेराई करते हुए 20 दिन से अधिक हो चुके हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार चीनी मिल को 14 दिन में किसानों का भुगतान देना होता है। 14 दिन में भुगतान नहीं करने पर ब्याज सहित भुगतान देना होगा। इस बार चीनी मिलों के सामने एक मुद्दा है कि गन्ना मूल्य घोषित ही नहीं हुआ है तो भुगतान किस रेट से करें। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य घोषित नहीं किए जाने से आम किसान के हाथ में पैसा नहीं पहुंच पा रहा है।
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भाई सरकार खनी नी उतरी: चौधरी नरेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि गन्ना मूल्य देर से घोषित होने से किसानों को बड़ा नुकसान होगा। किसान को पैसा नहीं मिलेगा तो घर के खर्चे कहां से चलाएगा। किसान तो बर्बाद होने लग रहा। उन्होंने कहा कि 400 रुपये प्रति क्विंटल का रेट होना चाहिए। हम लोगों ने उम्मीदों के साथ सरकार बनवाई, पर उम्मीदों पर खरी नी उतरी। मुख्यमंत्री से मिलेंगे। बात नहीं बनती तो हमारे पास आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है।
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देरी हुई तो पुराने रेट पर कराएंगे भुगतान
मुजफ्फरनगर। जिला गन्ना अधिकारी डा. आरडी द्विवेदी ने कहा कि दो-चार दिन इंतजार किया जा रहा है, यदि रेट घोषित नहीं होता है तो चीनी मिलों से गत वर्ष के रेट पर भुगतान कराया जाएगा। सरकार जो रेट घोषित करेगी बाद में घटा-बढ़ा पैसा उसी हिसाब से दे दिया जाएगा।