मुजफ्फरनगर। राज्यकर अधिकारी पर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए उद्यमियों ने सिटी सेंटर मार्केट स्थित जीएसटी कार्यालय पर हंगामा किया। आरोप लगाया कि उद्यमी को होटल में बैठक के लिए बुलाया गया। नाम बदलकर खुद को उच्चाधिकारी बताते हुए संपर्क किया और धमकाया। उद्यमी को 10 लाख रुपये और 50 हजार रुपये प्रति माह वसूली का प्रस्ताव दिया। ज्वाइंट कमिश्नर एसआइबी सिद्धेष चन्द्र दीक्षित ने बताया कि डाटा एक्सिस का पासवर्ड आदि विड्राॅ करते हुए आरोपी राज्यकर अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने बुधवार को सिटी सेंटर मार्केट स्थित जीएसटी कार्यालय पर पहुंचकर हंगामा किया। ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी सिद्धेष दीक्षित की मौजूदगी में आईआईए अध्यक्ष अमति जैन ने आरोप लगाया कि एसोसिएशन से जुड़े एक उद्यमी को एक सप्ताह से परेशान किया जा रहा था। एक छोटे राज्यकर अधिकारी की ओर से उद्यमी को छापे की धमकी दी गई। यह पूरी घटना एक संगठित तरीके से कई व्यापारियों से पैसे की अवैध वसूली का प्रयास थी। उन्होंने कहा कि इस घटना को उद्यमी व व्यापारियों ने उच्चाधिकारियों को बताया तब उस व्यक्ति की पहचान भी हो गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान अश्विनी खंडेलवाल, अशोक अग्रवाल, पवन गोयल, विपुल भटनागर, नीरज केडिया, मनोज अरोरा आदि उद्यमी शामिल रहे।
आईआईए अध्यक्ष ने समन जारी करने पर जताई नाराजगी
आईआईए अध्यक्ष ने बताया कि अवैध वसूली के प्रयास की घटना पर संगठन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर एक संदेश जारी किया गया। यह मैसेज किसी व्यक्ति की ओर से डिप्टी कमिश्नर मनोज शुक्ला को भेजा गया। आरोप है कि उन्होंने अपने विभागीय अधिकारी को बचाने के लिए उल्टा आईआईए अध्यक्ष को ही नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित प्रस्तुत होने का आदेश जारी किया।
आरोपी राज्यकर अधिकारी के विरुद्ध जांच शुरू
ज्वाइंट कमिश्नर एसआइबी सिद्धेष चन्द्र दीक्षित ने बताया कि आईआईए अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने श्रीसनमती एक्जिम इकाई संचालक से राज्यकर अधिकारी एसआइबी हिमांशु लाल पर ब्लैकमेल कर भारी धनराशि रिश्वत के रूप में मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया गया।स्थानांतरण के बाद 23 जून 2025 को ही फिरोजाबाद से आकर उन्होंने ज्वाइन किया था। आरोप है कि राज्यकर अधिकारी की ओर से निजी पासवर्ड आइडी का प्रयोग कर डाटा चुराकर उसके माध्यम से उद्यमी को ब्लैकमेल किया जा रहा था। उच्चाधिकारियों को भी बता दिया गया है।