मुजफ्फरनगर। सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील के गेट पर पार्किंग कर्मी को बेरहमी से पीटा। पार्किंगकर्मी हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा लेकिन कार्यकर्ताओं को रहम नहीं आया। बाद में पुलिस ने बीच बचाव कर युवक को छुड़ाया। सपाइयों का आरोप था कि पुलिस जब तहसील के गेट पर कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए खड़ी थी तभी पार्किंग कर्मी भी हाथों में डंडे लेकर खड़े थे और एक सपा कार्यकर्ता को डंडा मारा गया। शहर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की ओर से सपा जिला महासचिव जिया चौधरी समेत चार के खिलाफ एससीएसटी एक्ट और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की है।
बृहस्पतिवार को तहसील में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद पार्टी के सभी बड़े नेता घर जा चुके थे। तहसील में मौजूद 15-20 सपा कार्यकर्ता तहसील के गेट पर पार्किंग के स्थान पर पहुंचे और पूछा कि बैरियर किसने लगाया था। पुलिस के साथ हाथों में डंडे लेकर क्यों खड़े थे। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्किंग कर्मी पवन कुमार के साथ यह कहते हुए मारपीट शुरू कर दी कि उसने एक कार्यकर्ता को डंडा मारा। पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मानने। पवन हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा और कहता रहा कि मेरी कोई गलती नहीं है लेकिन कार्यकर्ता लगातार मारपीट करते रहे। इसी बीच वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को सपा कार्यकर्ताओं के कब्जे से छुड़ाया।
आर्यपुरी निवासी अनुसूचित जाति के पीड़ित युवक पवन कुमार की ओर से शहर कोतवाली में सपा नेता समीर खान मोती महल, सलमान त्यागी सरवट, सपा जिला महासचिव जिया चौधरी निवासी आवास विकास और एक अज्ञात के खिलाफ मारपीट और जान से मारने का प्रयास करने का मुकदमा लिखाया है। पुलिस ने चारों पर धारा 323, 504 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है।
200 रुपये रोज की मजदूरी करता है पवन
आर्यपुरी निवासी पवन कुमार गरीब परिवार का है। वह पार्किंग ठेकेदार के पास 200 रुपये रोज की मजदूरी करता है। मारपीट की घटना से वह डरा है। उसका परिवार भी सदमें में है।