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Muzaffarnagar News: खतरा बन गई सोलानी और हिंडन, 30 गांव प्रभावित, पलायन शुरू

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- डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा
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- एनडीआरएफ की टीम को बलाया, बिजनौर क्षेत्र के लोगों को निकाला





संवाद न्यूज एजेंसी

मोरना/पुरकाजी। खतरे के निशान से ऊपर बह रही सोलानी और हिंडन नदी का पानी खेतों और घरों तक पहुंच गया है। खादर क्षेत्र के 30 गांव में बाढ़ का खतरा है। पुरकाजी-लक्सर मार्ग पूरी तरह बंद रहा। बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर और डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने खादर के गांवों का दौरा किया। मजलिसपुर तौफिर समेत पांच गांव से लोग सुरक्षित निकाले जा रहे हैं।

बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक सोलानी नदी का जलस्तर 227.08 पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान से 2.08 मीटर ऊपर बह रही है। हिंडन नदी क जलस्तर 227.45 मीटर पर पहुंच गया है, यह खतरे के निशान से प्वाइंट 45 मीटर ऊपर है। मोरना खादर क्षेत्र के मजलिसपुर तौफिर, महाराजनगर, खैरनगर, सिताबपुरी में घरों तक पानी पहुंच गया है। इलाहाबाद, फिरोजपुर, योगेंद्र नगर, खुशीपुरा, बिहारगढ़ समेत अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, डीएम अरविंद मल्ल्पा बंगारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। पुरकाजी के बढ़ीवाला, भैंसलीवाला, शेरपुर, चानचक का दौरा कर स्थिति को देखा। खादर क्षेत्र से लोगों का सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन जारी है। नाव से भी लोगों को निकाला गया है। करीब 30 गांव में बाढ़ के हालात बन गए हैं।
डीएम ने आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर तलब कर तत्काल प्रभावित लोगों को राहत कार्य किये जाने के निर्देश दिए। शुकतीर्थ व मजलिसपुर तोफिर में सोलानी नदी के पुल के पास बाढ़ चौकी स्थापित की गई। एनडीआरएफ की टीम को सूचित कर दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर टीम जल्द ही जनपद में राहत कार्य आरम्भ कर देगी।



भोकरहेडी इंटर कॉलेज में बनाया शरणालय
बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। सोनाली नदी पुल पर अस्थाई कंट्रोल रूम बनाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल प्रभाव से शुरू किया गया है।



किसानों को मिलना चाहिए मुआवजा

बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि बाढ़ पीडि़त किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। फसल इंश्योरेंस वाली कंपनी करोड़ों का इंश्योरेंस बजट बनाकर उसका आधा ही किसानों के बीच वितरित कर बड़ा खेल करते हैं। इस पर शासन प्रशासन को नजर रखनी होगी। बाढ़ पीडि़त गांव में बीमारी फैलने खतरा बढ़ने लगा है। इसके लिए चिकित्सा टीमों को भेजना चाहिए। किसान मजदूर प्रकृति आपदा के सामने बेबस और लाचार हैं। इन्हें मदद की जरूरत है शासन प्रशासन हर संभव सहायता करें।
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बाढ़ में फंसे नील गाय के बच्चे को बचाया

बाढ़ में नील गाय के बच्चे को किसी प्रकार बचाकर लाए ग्रामीण भूषण का जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने हौंसला बढ़ाया। बच्चे को उपजिलाधिकारी की गाड़ी के द्वारा ऊपरी स्थान पर जंगल में छुड़वाया ।
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