- पुरकाजी और शुकतीर्थ के खादर क्षेत्र में हालात बेहद मुश्किल
- लक्सर में गांव कुआं खेड़ा के निकट गंगा बांध टूटा, जिससे बढ़ेगा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/मोरना। सोलानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पुरकाजी और शुकतीर्थ खादर में सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न है। गांवों तक पानी पहुंच गया है। मुख्य रास्तों पर जलभराव है। प्रशासन ने बचाव के लिए 10 बाढ़ चौकियां, 13 शरणार्थी स्थल और कंट्रोल रूम बनाया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार बाढ़ संभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। गांव बैसली में फंसे 10 परिवारों को शरणार्थी शिविर तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।
बुधवार रात आठ बजे सोलानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 226.06 मीटर पर पहुंच गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने पुरकाजी क्षेत्र के गांव बैसली के कुछ घरों में सोनाली नदी का पानी आ गया था। दस परिवारों को सुरक्षित निकालकर शिफ्ट किया गया है। कम्युनिटी किचन की व्यवस्था चालू की गई है। मेडिकल टीम भी तैनात की गई है।
शक्रताल क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। कृषि क्षेत्र में परेशानी है, जबकि आबादी वाला क्षेत्र सुरक्षित है। तहसील सदर में झबरपुर, जानसठ में बागो वाली घाट मजलिसपुर तौफिर, बुढ़ाना में हिंडन नदी पर अटाली, कृष्णा नदी पर डूंगर समेत सभी चौकियां अलर्ट की गई है। 38 नाविक और गोताखोर की व्यवस्था की गई है।
विषम परिस्थिति में यहां करें संपर्क
प्रशासन ने विषम परिस्थिति से घिरे लोगों के लिए कंट्रोल रूम बना दिया है। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि बाढ़ कंट्रोल रूम बनाया गया है। समस्या आने पर 0131-2436918 और 9412210080 पर संपर्क कर सकते हैं।
बचाव के लिए यह भी रखें ध्यान
बरसात में घर से बाहर निकलने से बचें। बच्चों को बारिश में नहाने या छतों पर खेलने और नहाने से रोक दें। जलभराव की स्थिति में सड़कों पर न चलें। आकाशीय बिजली/वज्रपात की स्थिति पर पेड़ो के नीचे, बिजली के खंभों के पास और खुले स्थानों में रहने से बचे। पुराने और जर्जर भवनों से सावधान रहें। पीने के पानी को उबाल कर पिएं। दामिनी एप का प्रयोग भी कर सकते हैँ।
पानी बढ़ा, आवागमन हो गया बंद
पुरकाजी। खादर क्षेत्र में बुधवार को पानी बढ़ जाने से हालात और विकट हो गए। शेरपुर, बढ़ीवाला, भैंसली वाला, रामनगर, रजकल्ला पुर, रतन पुरी, धुममनपुरी, शेरपुर नगला, पांचली, भदौला गांवों के रास्तों पर कई फीट पानी भर जाने आवाजाही बंद हो गई। बुधवार को पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर पानी शेरपुर गांव तक पहुंच गया। इससे पुरकाजी से खानपुर और लक्सर का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीण देवेंद्र खालसा, गुरमीत सिंह, बलवंत सिंह, सतनाम सिंह, जसविंदर खालसा, गुरनाम सिंह, राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, यादराम प्रजापति, गुलशन कुमार का कहना है कि पानी ज्यादा होने से आवागमन बंद हो गया है। लेखपाल प्रदीप सैनी का कहना है कि गांव झबरपुर में बाढ़ चौकी बनाई गई है।
मकान की छत गिरने से नुकसान
छपार। भाकियू तोमर के सदर ब्लॉक सचिव गांव रेई निवासी इरशाद के मकान की कच्ची छत बारिश के कारण गिर गई और सारा सामान दब गया। युवा जिलाध्यक्ष अंकित गुर्जर मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फोन से अधिकारियों से बात की। ग्राम पंचायत अधिकारी शक्ति सिंह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
रास्ते डूबे, चारा तक नहीं ला पा रहे किसान
मोरना। शुकतीर्थ गंगा खादर में हर तरफ पानी का सैलाब नजर आ रहा है। गांव मजलिसपुर तौफिर, खैर नगर, महाराज नगर, सीतापुरी के खेतों में पानी आ जाने से गन्ने, हरे चारे एवं धान की पानी में डूब गई। प्रधान योगेश चौहान, किसान सुबोध सैनी, महेंद्र चौहान, योगेश मास्टर, डॉक्टर बुध सिंह, महावीर, पप्पू, विनोद ने पशुओं में बीमारी फैलने का खतरा बन गया। गंगा घाट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जानसठ तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि भोकरहेड़ी-लक्सर मार्ग पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुका है। शुकतीर्थ प्रधान राजपाल सैनी ने बताया कि गंगा खादर में रह रहे परिवारों को पानी बढ़ जाने की सूचना दी गई है। भोकरहेड़ी पशु चिकित्सालय के प्रभारी रविदीप ने बताया कि गांव मजलिसपुर में पशुओं की जांच की गई है।