-नदी के किनारे बसें किसानों के खेताें में भरना शुरू हो गया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के कारण हिंडन में जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। परंपरागत रास्ते को छोड़कर जलधारा ने खेतों में रूख करने से किसानों के चेहरों पर चिंता सताने लगी है। नदी किनारे बसें कई गांवों के किसानों का पानी के उफान के कारण खेतों से चारा लाना दुभर हो गया है।
चरथावल सीमा का अंतिम गांव बुड्ढ़ाखेड़ा पड़ता है। हिंडन नदी सीमा के गांव नन्हेड़ा से होते हे बुड्ढ़ाखेड़ा, छिमाऊ, न्यामू, कसौली, अकबरगढ़, सिकंदरपुर, नंगला राई, पीपलशाह और कुल्हेड़ी के किसानों का रकबा पड़ता है। न्यामू के किसान कुलदीप त्यागी, गुड्डू नायक, सुधीर और राजपाल कहते है इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश ज्यादा होने से हिंडन में काफी पानी आना शुरू हो गया है। इससे खेतों में ईख, ज्वार, बाजरा और चरी की फसल गलने की आशंका बढ़ गई है।
पोपलर और सब्जी का भारी नुकसान
बुड्ढ़ाखेड़ा के रोहताश अरसे से सब्जी उत्पादन करते है। 15 बीघा जमीन में खीरा लगाया था। मेरठ आपूर्ति करते है। लेकिन इस बार बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। खीरे की फसल काफी हद बर्बाद हो गई। इसके बाद बेल पर फेल आना बंद हो गया। अकबरगढ़ के मुनेंद्र कुमार ने बताया खेतों में नदी का पानी भरना शुरू हो गया है। पोपलर के पेड़ों को नुकसान होने का आशंका बढ़ गई है। सिकंदरपुर के किसानों का कहना है नदी पार खेत होने से चारा लाना मुश्किल हो गया है। नदी पर अस्थाई लकड़ी के पुल से चारा लाने में जोखिम उठाना पड़ता है।