- ऑपरेशन की जरूरत पड़ी तो मरीज को जरूरी सामान खुद ही खरीदकर लाना पड़ता है
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में हड्डी टूटने वाले मरीजों को केवल प्लास्टर चढ़ाने तक की सुविधा दी जाती है। अगर किसी मरीज का ऑपरेशन होना हो तो उसे सामान बाहर से खरीदना पड़ता है। जबकि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की बात कही जाती है।
जिले के सरकारी अस्पताल में हड्डी टूटने वाले मरीजों के लिए केवल औषधि और प्लास्टर चढ़ाने तक की सुविधा मिलती है। बात अगर ऑपरेशन की करें तो यहां चिकित्सक तो हैं, लेकिन हड्डी जोड़ने के लिए रॉड सहित इन प्लांट के सामान नहीं हैं। इसके लिए मरीज को पैसे खर्च कर बाहर से सामान खरीदना पड़ता है। सामान लाने के बाद ही मरीज का ऑपरेशन किया जाता है।
जिला चिकित्सालय पुरुष के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि शासन से ही हड्डी के ऑपरेशन के लिए कोई सामान उपलब्ध नहीं कराया जाता है। ऐसे में मरीज को बाहर से ही इन प्लांट्स के सामान खरीदने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके चतुर्वेदी मरीजों का ऑपरेशन करते हैं।
जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके चतुर्वेदी ने बताया कि रोजाना 50 के करीब हड्डी रोगियों को उपचार दिया जाता है। सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को ऑपरेशन किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की हड्डी जोड़ने के लिए रॉड आदि सामान मरीज को खुद खरीदना पडता है। जिला चिकित्सालय में इस तरह के सामान की सुविधा नहीं है।