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Muzaffarnagar News: भाइयों की सलामती के लिए बहनों ने उठाई कांवड़

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मां शेरावाली की झांकी के साथ गंगाजल लेकर खतौली  से  गुजरते  दिल्ली के ​शिवभक्त। संवाद
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मुजफ्फरनगर। सावन की कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति के साथ रिश्तों की मजबूती हर कदम पर दिख रही है। भाइयों की लंबी उम्र, सफलता और मंगलकामना के लिए बहनें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पैदल यात्रा कर रही हैं। छोटी हों या बड़ी, पूरे रास्ते भाई की देखभाल, भोजन, दवा, विश्राम और हौसला बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। रुड़की रोड से मेरठ और शामली की ओर बढ़ती भाई-बहनों की जोड़ियां राहगीरों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
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दिल्ली निवासी कविता अपने 10 वर्षीय छोटे भाई दीपांशु के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई की इस वर्ष कांवड़ लाने की इच्छा थी। उम्र कम होने के कारण उसे अकेले भेजना उचित नहीं लगा। इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी से अवकाश लेकर भाई का साथ देने का निर्णय लिया। कविता कहती हैं कि उन्होंने भाई की सफलता, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हरिद्वार से गंगाजल उठाया है। यात्रा के दौरान वह उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रख रही हैं।
शामली निवासी भूमि अपने भाई आकाश के साथ कंधे पर कांवड़ लेकर पैदल यात्रा कर रही हैं। दोनों कदम से कदम मिलाकर शिवधाम की ओर बढ़ रहे हैं। भूमि का कहना है कि भाई के साथ इस यात्रा में चलने में आनंद मिल रहा है।
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गाजियाबाद की रिया अपने बड़े भाई अभिषेक के साथ पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से भाई को कांवड़ लाते हुए देखती थीं। इस बार उन्होंने स्वयं कलश कांवड़ उठाकर भाई का साथ देने का संकल्प लिया। रिया कहती हैं कि पूरी यात्रा में दोनों एक-दूसरे का ध्यान रख रहे हैं। वह कहती हैं कि भाई-बहन का रिश्ता केवल एक त्योहार तक सीमित नहीं, बल्कि हर कठिन राह में साथ देने से मजबूत होता है।

मां शेरावाली की झांकी के साथ गंगाजल लेकर खतौली  से  गुजरते  दिल्ली के शिवभक्त। संवाद

मां शेरावाली की झांकी के साथ गंगाजल लेकर खतौली  से  गुजरते  दिल्ली के शिवभक्त। संवाद

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