मुजफ्फरनगर। हरियाणा में जाट आरक्षण की आड़ में उपद्रवियों द्वारा मचाए गए तांडव के विरोध में अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने शहर में मौन जुलूस निकाला। बलवाइयों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया।
पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता रुड़की रोड स्थित पाल धर्मशाला में एकत्र हुए। हाथों में तख्ती और बैनर लिए हुए यहीं से मौन जुलूस शुरू हुआ। बैनर और तख्तियों में उत्तर प्रदेश में जाट आरक्षण खत्म करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने, बलवाईयों को मुआवजा नहीं दिए जाने आदि मांगे लिखी गई।
मौन जुलूस जिला अस्पताल, अहिल्याबाई चौक, अंसारी रोड, मालवीय चौक से होते हुए जुलूस कलक्ट्रेट पहुंचा। कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी ने कहा कि हरियाणा में जो हुआ, वह अराजकता का नंगा नाच था।
केंद्र और प्रदेश सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाट समाज हर तरह से संपन्न हैं। सुप्रीम कोर्ट आरक्षण को मना कर चुका है। आंदोलन की आड़ में दुकानें और घर जलाना, लोगों को मारना कहां की इंसानियत है।
मोहनलाल प्रजापति ने कहा कि हरियाणा में किसी भी बलवाई को मुआवजा नहीं मिलना चाहिए। हिंसा में मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों को ही मुआवजा दिया जाए। भाजपा नेता देशबंधु तोमर ने कहा कि पिछड़ों की आवाज उठाने वाले सांसद राजकुमार सैनी की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
विनय पाल प्रमुख, देशपाल पांचाल, दर्शन सिंह धनगर, नरेंद्र सैनी, किरणपाल, मोहन प्रजापति, प्रमोद प्रजापति, जयकरण सिंह वर्मा, विजेंद्र पाल, ओमवीर पाल सभासद ने विचार रखे।
छह मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया। हरेंद्रपाल, अजय सैनी, सुभाषचंद सैनी, ब्रह्म सिंह प्रजापति, अमित सेन, पवन पाल, राकेश कश्यप, संदीप पाल, अमित धीमान सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। अध्यक्षता जयकरण वर्मा और संचालन संजय शिवम ने किया।