जिले में गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री करने वाले किसानों के खाते में 24 घंटे में पैसा भेजा जा रहा है। जनपद में 47 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 28 सेंटरों पर गेहूं की खरीद प्रारंभ हो चुकी है और 12 हजार क्विंटल गन्ना अब तक खरीदा जा चुका है।
एक सप्ताह से अचानक मौसम खराब होने का असर यहां गेहूं खरीद पर पड़ा है। गेहूं की कटाई यहां देरी से प्रारंभ हुई। कटाई में देरी होने के कारण गेहूं की खरीद भी देरी से ही शुरू हो पाई। एक अप्रैल से जिले में 47 क्रय केंद्र संचालित कर दिए गए, लेकिन गेहूं की खरीद की शुरुआत यहां 15 अप्रैल से हो पाई।
28 सेंटरों पर गेहूं की खरीद प्रारंभ हो चुकी है, जो कि क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, इनमें खाद्य विभाग के नौ, पीसीएस के 27, पीसीयू के आठ, यूपी एग्रो के दो, एफसीआई का एक सेंटर है। जिले में इस बार दो लाख 66 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
आरएमओ प्रिंस चौधरी ने बताया कि हमारे पास धन और बोरे पर्याप्त मात्रा में है। किसानों को गेहूं खरीद के 24 घंटे के अंदर 1745 प्रति कुंतल के हिसाब से आरटीजीएस के माध्यम से उनके खातों में भुगतान दिया जा रहा है।
अपने निकट के केंद्र पर डाले गेहूं
मुजफ्फरनगर। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रिंस चौधरी ने कहा कि प्रत्येक ब्लाक में सेंटर लगे है, किसान अपने नजदीक के सेंटर पर गेहूं दें, जिससे उसे परेशानी न हो। सदर में जट मुझेडा, डीसीडीएफ नवीन मंडी, क्रय विक्रय नई मंडी, सिसौनी, केएसएस मंडी पर सेंटर लगे हैं।
बघरा ब्लाक के जसोई, पुरकाजी के छपार और शेरपुर में, चरथावल के बिरालसी और दूधली में, जानसठ के सिखरेडा, देवल, कासिमपुर खोला, सालारपुर, भुम्मा, मंदौड, जानसठ, भलेडी में सेंटर लगे हैं। मोरना के जौली, भोपा, तिस्सा, मोरना में, खतौली के बडसू, मंसूरपुर, पमनावली, नावला, खेड़ी चौगांव, बुढ़ाना के खेड़ामस्तान, टोडा, शाहडब्बर, अलीपुर अटेरना, शाहपुर ब्लाक के सिसौली, भौरा खुर्द, पुरा और शाहपुर में सेंटर लगा है।