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राहत पहुंचाने के बजाए मुनाफाखोरी में लगे दुकानदार

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देवबंद में किरयाना की दुकान पर खाने-पीने का सामान खरीदते लोग - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग का लाभ उठाकर दुकानदार लोगों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं। लॉक डाउन के चलते दुकानदारों ने रेट इतने बढ़ा दिए हैं कि गरीबों के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाला सामान खरीदना मुश्किल हो गया है।
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लॉक डाउन के कारण फल, सब्जी और राशन की दुकानों पर क्षेत्रीय लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आम दिनों में दुकानों पर बिकने वाले सामान के रेट कई गुना बढ़ा दिए गए हैं। इस विकट परिस्थिति में भी दुकानदार लोगों को राहत पहुंचाने के बजाए लोगों से मुनाफा कमा रहे हैं।
सोमवार को दुकानें खुली तो सामान की खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि कुछ देर बाद ही सूचना मिलने पर पुलिस ने वहां पहुंचकर दुकानों को बंद कराया, लेकिन इस दौरान दुकानदारों ने ग्राहकों को जमकर लूटा। आम दिनों में बाजार में आटा 265 रुपये प्रति कट्टा (दस किलो) बिक रहा था। सोमवार को यह 300 रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से बेचा गया। घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला आलू भी सोमवार को मंडी में 130 रुपये धड़ी बिका। जबकि आम दिनों में इसकी कीमत 70 रुपये धड़ी हुआ करती थी। इसी तरह प्याज की कीमतें भी बढ़ा दी। 20 रुपये किलो बिकने वाली प्याज के दाम 50 रुपये कर दिए। बढ़ाए गए भाव की मार मजदूर तबके पर अधिक पड़ रही है। लॉक डाउन से एक तो मजदूरी नहीं मिल रही है, ऊपर से प्रतिदिन का घर का खर्च और बाजार में मिल रहा महंगा सामान उसकी कमर तोड़कर रख रहा है।

मेन बाजार तिराहे पर दोपहर में लगा जाम- फोटो : DEVBAND

देवबंद की पुरानी सब्जी मंडी वाले बाजार में खरीदारी करने को लगी भीड़- फोटो : DEVBAND

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