खतौली में रेलवे स्टेशन के निकट अलाव पर हाथ तापते लोग। संवाद
मुजफ्फरनगर। मौसम में ठंडक बरकरार है। रविवार रात को शहर का न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात साबित हुई। कड़ाके की ठंड के साथ-साथ घना कोहरा भी छाया रहा, जिसने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
ठंड से बचाव के लिए कंपनी बाग में एक अतिरिक्त शेल्टर होम भी चालू कराया गया है। पात्र व्यक्तियों को वहां पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और पुलिस विभाग को सौंपी गई है।
घने कोहरे के कारण सुबह के समय वाहनों के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर रफ्तार धीमी रही और कई जगहों पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रही। यातायात प्रभावित होने के चलते शहर के बाजार भी सामान्य से देर से खुले। सुबह के समय बाजारों में चहल-पहल कम देखी गई, जो ठंड और कोहरे के प्रभाव को दर्शाता है।
लोग अलाव जलाकर और गर्म कपड़ों में लिपटकर ठंड से बचाव करते नजर आए। ठंड के इस प्रकोप ने दैनिक दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। सोमवार दिन का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद में सुरक्षा और राहत व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए गन्ने से लदे वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य किए गए हैं।
बेघर और असहाय लोगों के लिए रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही, सड़कों पर लगे संकेतकों (साइनबोर्ड) को भी ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यातायात सुचारू और सुरक्षित रहे।
ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी ने बेघर और असहाय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।