युवती और उसके भतीजे की गर्दन काटने के आरोप में हो चुके हैं तीनों दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के गांव में युवती और उसके भतीजे की गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में दोषमुक्त हो चुके आरोपियों को गैंगस्टर की धाराओं में सात-सात साल की कैद और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने फैसला सुनाया।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह, विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर और राजेश शर्मा ने बताया कि चरथावल क्षेत्र के गांव में 19 दिसंबर 2017 को 18 साल की युवती अपने भतीजे के साथ खेत पर गन्ना छीलने के लिए घर से निकली थी। मगर, संदिग्ध हालात में दोनों लापता हो गए। अगले दिन दोनों के गर्दन कटे शव ईख के खेत में बरामद हुए थे।
पुलिस ने जांच शुरू की तो गांव के ही मुकम्मिल, जानू उर्फ जान आलम, फड्डू उर्फ शराफत के नाम सामने आए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल तिवारी ने तीनों अभियुक्तों का विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में भी चालान किया था। गैंगस्टर एक्ट में छपार के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ह्रदय नारायण सिंह ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र गैंगस्टर कोर्ट में दाखिल की।
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने की। अदालत में तीनों पर गैंगस्टर में दोष सिद्ध हुआ। तीनों को सात-सात साल कैद और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।